लग्न सारणी · वाराणसी
गुरुवार, 18 नवंबर 202706:1717:09
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.06:15 –08:32
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.08:32 –10:37
- 10मकरचर1 घं. 44 मि.10:37 –12:21
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.12:21 –13:52
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 29 मि.13:52 –15:21
- 1मेषचर1 घं. 38 मि.15:21 –16:59
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.16:59 –18:56
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.18:56 –21:10
- 4कर्कचर2 घं. 18 मि.21:10 –23:28
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.23:28 –01:42, 19 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 12 मि.01:42, 19 नव॰ –03:54, 19 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.03:54, 19 नव॰ –06:11, 19 नव॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.06:11, 19 नव॰ –08:28, 19 नव॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वाराणसी में 18 नवंबर 2027 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:17 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।