लग्न सारणी · वडोदरा
शनिवार, 31 अक्टूबर 202606:4118:01
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 14 मि.05:45 –07:59
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 15 मि.07:59 –10:14
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 6 मि.10:14 –12:20
- 10मकरचर1 घं. 47 मि.12:20 –14:07
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 33 मि.14:07 –15:40
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 32 मि.15:40 –17:12
- 1मेषचर1 घं. 41 मि.17:12 –18:53
- 2वृषभस्थिर1 घं. 58 मि.18:53 –20:51
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.20:51 –23:04
- 4कर्कचर2 घं. 16 मि.23:04 –01:20, 1 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 11 मि.01:20, 1 नव॰ –03:31, 1 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 10 मि.03:31, 1 नव॰ –05:41, 1 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 14 मि.05:41, 1 नव॰ –07:55, 1 नव॰
वडोदरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वडोदरा में 31 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:41 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।