लग्न सारणी · तिरुपति
रविवार, 4 अक्टूबर 202606:0218:00
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.04:58 –07:00
- 7तुलाचर2 घं. 7 मि.07:00 –09:07
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 12 मि.09:07 –11:19
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 7 मि.11:19 –13:26
- 10मकरचर1 घं. 53 मि.13:26 –15:19
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 41 मि.15:19 –17:00
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 39 मि.17:00 –18:39
- 1मेषचर1 घं. 48 मि.18:39 –20:27
- 2वृषभस्थिर2 घं. 2 मि.20:27 –22:29
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 12 मि.22:29 –00:41, 5 अक्टू॰
- 4कर्कचर2 घं. 9 मि.00:41, 5 अक्टू॰ –02:50, 5 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 4 मि.02:50, 5 अक्टू॰ –04:54, 5 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.04:54, 5 अक्टू॰ –06:56, 5 अक्टू॰
तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
तिरुपति में 4 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:02 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।