लग्न सारणी · श्रीनगर
शनिवार, 31 अक्टूबर 202606:4917:39
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.05:48 –08:13
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.08:13 –10:35
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.10:35 –12:38
- 10मकरचर1 घं. 37 मि.12:38 –14:15
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.14:15 –15:36
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.15:36 –16:55
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.16:55 –18:25
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.18:25 –20:18
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.20:18 –22:34
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.22:34 –00:59, 1 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.00:59, 1 नव॰ –03:22, 1 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.03:22, 1 नव॰ –05:45, 1 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.05:45, 1 नव॰ –08:10, 1 नव॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 31 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:49 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।