लग्न सारणी · श्रीनगर
बुधवार, 4 जून 202505:2019:39
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.04:14 –06:06
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.06:06 –08:22
- 4कर्कचर2 घं. 26 मि.08:22 –10:48
- 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.10:48 –13:11
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.13:11 –15:33
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.15:33 –17:58
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.17:58 –20:20
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.20:20 –22:22
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.22:22 –00:00, 5 जून
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.00:00, 5 जून –01:21, 5 जून
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.01:21, 5 जून –02:40, 5 जून
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.02:40, 5 जून –04:10, 5 जून
- 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.04:10, 5 जून –06:03, 5 जून
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 4 जून 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:20 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।