लग्न सारणी · श्रीनगर
शुक्रवार, 4 अप्रैल 202506:1418:54
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:25 –06:44
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.06:44 –08:14
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.08:14 –10:06
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.10:06 –12:22
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.12:22 –14:47
- 5सिंहस्थिर2 घं. 24 मि.14:47 –17:11
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.17:11 –19:33
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.19:33 –21:58
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 22 मि.21:58 –00:20, 5 अप्रैल
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 2 मि.00:20, 5 अप्रैल –02:22, 5 अप्रैल
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.02:22, 5 अप्रैल –04:00, 5 अप्रैल
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.04:00, 5 अप्रैल –05:21, 5 अप्रैल
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:21, 5 अप्रैल –06:40, 5 अप्रैल
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 4 अप्रैल 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:14 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।