लग्न सारणी · श्रीनगर
गुरुवार, 3 अप्रैल 202506:1618:53
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:29 –06:48
- 1मेषचर1 घं. 30 मि.06:48 –08:18
- 2वृषभस्थिर1 घं. 52 मि.08:18 –10:10
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.10:10 –12:26
- 4कर्कचर2 घं. 25 मि.12:26 –14:51
- 5सिंहस्थिर2 घं. 24 मि.14:51 –17:15
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 22 मि.17:15 –19:37
- 7तुलाचर2 घं. 25 मि.19:37 –22:02
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.22:02 –00:23, 4 अप्रैल
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.00:23, 4 अप्रैल –02:26, 4 अप्रैल
- 10मकरचर1 घं. 38 मि.02:26, 4 अप्रैल –04:04, 4 अप्रैल
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 21 मि.04:04, 4 अप्रैल –05:25, 4 अप्रैल
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.05:25, 4 अप्रैल –06:44, 4 अप्रैल
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
श्रीनगर में 3 अप्रैल 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:16 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।