लग्न सारणी · राँची
शनिवार, 31 अक्टूबर 202605:5317:11
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 15 मि.04:57 –07:12
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 16 मि.07:12 –09:28
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.09:28 –11:33
- 10मकरचर1 घं. 47 मि.11:33 –13:20
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 32 मि.13:20 –14:52
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 31 मि.14:52 –16:23
- 1मेषचर1 घं. 40 मि.16:23 –18:03
- 2वृषभस्थिर1 घं. 58 मि.18:03 –20:01
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.20:01 –22:14
- 4कर्कचर2 घं. 16 मि.22:14 –00:30, 1 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 12 मि.00:30, 1 नव॰ –02:42, 1 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 11 मि.02:42, 1 नव॰ –04:53, 1 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 15 मि.04:53, 1 नव॰ –07:08, 1 नव॰
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
राँची में 31 अक्टूबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:53 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।