लग्न सारणी · पटना
बुधवार, 4 नवंबर 202605:5917:06
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.04:44 –07:01
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.07:01 –09:18
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.09:18 –11:22
- 10मकरचर1 घं. 45 मि.11:22 –13:07
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.13:07 –14:38
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.14:38 –16:06
- 1मेषचर1 घं. 38 मि.16:06 –17:44
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.17:44 –19:41
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.19:41 –21:55
- 4कर्कचर2 घं. 18 मि.21:55 –00:13, 5 नव॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.00:13, 5 नव॰ –02:27, 5 नव॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.02:27, 5 नव॰ –04:40, 5 नव॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.04:40, 5 नव॰ –06:57, 5 नव॰
पटना के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
पटना में 4 नवंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 05:59 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।