लग्न सारणी · चंडीगढ़

बुधवार, 30 सितंबर 202606:1618:10

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 18 मि.05:21 –07:39
  • 7तुलाचर2 घं. 22 मि.07:39 –10:01
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 19 मि.10:01 –12:20
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.12:20 –14:24
  • 10मकरचर1 घं. 40 मि.14:24 –16:04
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 26 मि.16:04 –17:30
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 22 मि.17:30 –18:52
  • 1मेषचर1 घं. 34 मि.18:52 –20:26
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 54 मि.20:26 –22:20
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.22:20 –00:35, 1 अक्टू॰
  • 4कर्कचर2 घं. 22 मि.00:35, 1 अक्टू॰ –02:57, 1 अक्टू॰
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 20 मि.02:57, 1 अक्टू॰ –05:17, 1 अक्टू॰
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 18 मि.05:17, 1 अक्टू॰ –07:35, 1 अक्टू॰

चंडीगढ़ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

चंडीगढ़ में 30 सितंबर 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:16 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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