गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 4 मई 202505:4619:01
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:46
- उथिशुभ05:46 –07:26
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:26 –09:05
- रोगम्अनिष्ट09:05 –10:44
- लाभम्लाभ10:44 –12:24
- धनम्धन12:24 –14:03
- सुगम्शुभ14:03 –15:43
- सोरम्अशुभ15:43 –17:22
- विषम्अशुभ17:22 –19:01राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 19:01
- धनम्धन19:01 –20:22
- सुगम्शुभ20:22 –21:42
- सोरम्अशुभ21:42 –23:03
- विषम्अशुभ23:03 –00:23, 5 मई
- उथिशुभ00:23, 5 मई –01:44, 5 मई
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:44, 5 मई –03:04, 5 मई
- रोगम्अनिष्ट03:04, 5 मई –04:25, 5 मई
- लाभम्लाभ04:25, 5 मई –05:46, 5 मई
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 मई 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 19:01।