गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 13 अप्रैल 202506:0518:50
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:05
- उथिशुभ06:05 –07:41
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:41 –09:16
- रोगम्अनिष्ट09:16 –10:52
- लाभम्लाभ10:52 –12:28
- धनम्धन12:28 –14:03
- सुगम्शुभ14:03 –15:39
- सोरम्अशुभ15:39 –17:14
- विषम्अशुभ17:14 –18:50राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:50
- धनम्धन18:50 –20:14
- सुगम्शुभ20:14 –21:39
- सोरम्अशुभ21:39 –23:03
- विषम्अशुभ23:03 –00:27, 14 अप्रैल
- उथिशुभ00:27, 14 अप्रैल –01:51, 14 अप्रैल
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:51, 14 अप्रैल –03:16, 14 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट03:16, 14 अप्रैल –04:40, 14 अप्रैल
- लाभम्लाभ04:40, 14 अप्रैल –06:04, 14 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 13 अप्रैल 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:50।