चौघड़िया · विजयवाड़ा

मंगलवार, 20 अक्टूबर 202606:0117:43

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ10:24 –11:52अमृत11:52 –13:20शुभ22:20 –23:52अमृत23:52 –01:25, 21 अक्टू॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:01
  • रोगअनिष्ट06:01 –07:29
  • उद्वेगअशुभ07:29 –08:57वार वेला
  • चरसम08:57 –10:24
  • लाभलाभ10:24 –11:52
  • अमृतश्रेष्ठ11:52 –13:20
  • कालहानि13:20 –14:48काल वेला
  • शुभशुभ14:48 –16:15राहुकाल
  • रोगअनिष्ट16:15 –17:43
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:43
  • कालहानि17:43 –19:15
  • लाभलाभ19:15 –20:48काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ20:48 –22:20
  • शुभशुभ22:20 –23:52
  • अमृतश्रेष्ठ23:52 –01:25, 21 अक्टू॰
  • चरसम01:25, 21 अक्टू॰ –02:57, 21 अक्टू॰
  • रोगअनिष्ट02:57, 21 अक्टू॰ –04:29, 21 अक्टू॰
  • कालहानि04:29, 21 अक्टू॰ –06:01, 21 अक्टू॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

विजयवाड़ा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

विजयवाड़ा में 20 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:01 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:24–11:52, अमृत 11:52–13:20, शुभ 14:48–16:15। राहुकाल 14:48–16:15।

चौघड़िया — अन्य शहर