चौघड़िया · वाराणसी
गुरुवार, 21 सितंबर 202805:4617:55
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- शुभशुभ05:46 –07:17
- रोगअनिष्ट07:17 –08:49
- उद्वेगअशुभ08:49 –10:20
- चरसम10:20 –11:51
- लाभलाभ11:51 –13:22
- अमृतश्रेष्ठ13:22 –14:53राहुकाल
- कालहानि14:53 –16:24काल वेला
- शुभशुभ16:24 –17:55वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ17:55 –19:24
- चरसम19:24 –20:53
- रोगअनिष्ट20:53 –22:22
- कालहानि22:22 –23:51
- लाभलाभ23:51 –01:20, 22 सित॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ01:20, 22 सित॰ –02:49, 22 सित॰
- शुभशुभ02:49, 22 सित॰ –04:18, 22 सित॰
- अमृतश्रेष्ठ04:18, 22 सित॰ –05:47, 22 सित॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
वाराणसी में 21 सितंबर 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:46 से दिन के चौघड़िया: शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ। शुभ: शुभ 05:46–07:17, लाभ 11:51–13:22, अमृत 13:22–14:53। राहुकाल 13:22–14:53।