चौघड़िया · वाराणसी
गुरुवार, 13 जुलाई 202805:1618:51
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- शुभशुभ05:16 –06:58
- रोगअनिष्ट06:58 –08:40
- उद्वेगअशुभ08:40 –10:22
- चरसम10:22 –12:04
- लाभलाभ12:04 –13:46
- अमृतश्रेष्ठ13:46 –15:28राहुकाल
- कालहानि15:28 –17:09काल वेला
- शुभशुभ17:09 –18:51वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ18:51 –20:10
- चरसम20:10 –21:28
- रोगअनिष्ट21:28 –22:46
- कालहानि22:46 –00:04, 14 जुल॰
- लाभलाभ00:04, 14 जुल॰ –01:22, 14 जुल॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ01:22, 14 जुल॰ –02:40, 14 जुल॰
- शुभशुभ02:40, 14 जुल॰ –03:59, 14 जुल॰
- अमृतश्रेष्ठ03:59, 14 जुल॰ –05:17, 14 जुल॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
वाराणसी में 13 जुलाई 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:16 से दिन के चौघड़िया: शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ। शुभ: शुभ 05:16–06:58, लाभ 12:04–13:46, अमृत 13:46–15:28। राहुकाल 13:46–15:28।