चौघड़िया · वाराणसी

सोमवार, 13 दिसंबर 202706:3417:10

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

अमृत06:34 –07:54शुभ09:13 –10:33अमृत15:50 –17:10शुभ01:33, 14 दिस॰ –03:14, 14 दिस॰अमृत03:14, 14 दिस॰ –04:54, 14 दिस॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:34
  • अमृतश्रेष्ठ06:34 –07:54
  • कालहानि07:54 –09:13काल वेलाराहुकाल
  • शुभशुभ09:13 –10:33
  • रोगअनिष्ट10:33 –11:52
  • उद्वेगअशुभ11:52 –13:11
  • चरसम13:11 –14:31
  • लाभलाभ14:31 –15:50वार वेला
  • अमृतश्रेष्ठ15:50 –17:10
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:10
  • चरसम17:10 –18:50
  • रोगअनिष्ट18:50 –20:31
  • कालहानि20:31 –22:12
  • लाभलाभ22:12 –23:52काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ23:52 –01:33, 14 दिस॰
  • शुभशुभ01:33, 14 दिस॰ –03:14, 14 दिस॰
  • अमृतश्रेष्ठ03:14, 14 दिस॰ –04:54, 14 दिस॰
  • चरसम04:54, 14 दिस॰ –06:35, 14 दिस॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

वाराणसी में 13 दिसंबर 2027 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:34 से दिन के चौघड़िया: अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत। शुभ: अमृत 06:34–07:54, शुभ 09:13–10:33, अमृत 15:50–17:10। राहुकाल 07:54–09:13।

चौघड़िया — अन्य शहर