चौघड़िया · वाराणसी

शुक्रवार, 13 अगस्त 202705:3118:35

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ07:09 –08:47शुभ12:03 –13:41शुभ00:03, 14 अग॰ –01:25, 14 अग॰अमृत01:25, 14 अग॰ –02:47, 14 अग॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:31
  • चरसम05:31 –07:09
  • लाभलाभ07:09 –08:47
  • अमृतश्रेष्ठ08:47 –10:25वार वेला
  • कालहानि10:25 –12:03काल वेलाराहुकाल
  • शुभशुभ12:03 –13:41
  • रोगअनिष्ट13:41 –15:19
  • उद्वेगअशुभ15:19 –16:57
  • चरसम16:57 –18:35
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:35
  • रोगअनिष्ट18:35 –19:57
  • कालहानि19:57 –21:19
  • लाभलाभ21:19 –22:41काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ22:41 –00:03, 14 अग॰
  • शुभशुभ00:03, 14 अग॰ –01:25, 14 अग॰
  • अमृतश्रेष्ठ01:25, 14 अग॰ –02:47, 14 अग॰
  • चरसम02:47, 14 अग॰ –04:09, 14 अग॰
  • रोगअनिष्ट04:09, 14 अग॰ –05:31, 14 अग॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

वाराणसी में 13 अगस्त 2027 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:31 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 07:09–08:47, शुभ 12:03–13:41। राहुकाल 10:25–12:03।

चौघड़िया — अन्य शहर