चौघड़िया · वाराणसी

मंगलवार, 26 नवंबर 202406:2317:08

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ10:25 –11:45अमृत11:45 –13:06शुभ22:06 –23:46अमृत23:46 –01:25, 27 नव॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:23
  • रोगअनिष्ट06:23 –07:44
  • उद्वेगअशुभ07:44 –09:04वार वेला
  • चरसम09:04 –10:25
  • लाभलाभ10:25 –11:45
  • अमृतश्रेष्ठ11:45 –13:06
  • कालहानि13:06 –14:26काल वेला
  • शुभशुभ14:26 –15:47राहुकाल
  • रोगअनिष्ट15:47 –17:08
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:08
  • कालहानि17:08 –18:47
  • लाभलाभ18:47 –20:27काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ20:27 –22:06
  • शुभशुभ22:06 –23:46
  • अमृतश्रेष्ठ23:46 –01:25, 27 नव॰
  • चरसम01:25, 27 नव॰ –03:05, 27 नव॰
  • रोगअनिष्ट03:05, 27 नव॰ –04:44, 27 नव॰
  • कालहानि04:44, 27 नव॰ –06:24, 27 नव॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

वाराणसी में 26 नवंबर 2024 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:23 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:25–11:45, अमृत 11:45–13:06, शुभ 14:26–15:47। राहुकाल 14:26–15:47।

चौघड़िया — अन्य शहर