चौघड़िया · वाराणसी
रविवार, 17 नवंबर 202406:1717:09
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- उद्वेगअशुभ06:17 –07:38
- चरसम07:38 –09:00
- लाभलाभ09:00 –10:21
- अमृतश्रेष्ठ10:21 –11:43वार वेला
- कालहानि11:43 –13:05काल वेला
- शुभशुभ13:05 –14:26
- रोगअनिष्ट14:26 –15:48
- उद्वेगअशुभ15:48 –17:09राहुकाल
- शुभशुभ17:09 –18:48
- अमृतश्रेष्ठ18:48 –20:26
- चरसम20:26 –22:05
- रोगअनिष्ट22:05 –23:43
- कालहानि23:43 –01:22, 18 नव॰
- लाभलाभ01:22, 18 नव॰ –03:00, 18 नव॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ03:00, 18 नव॰ –04:39, 18 नव॰
- शुभशुभ04:39, 18 नव॰ –06:17, 18 नव॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
वाराणसी में 17 नवंबर 2024 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:17 से दिन के चौघड़िया: उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग। शुभ: लाभ 09:00–10:21, शुभ 13:05–14:26। राहुकाल 15:48–17:09।