चौघड़िया · तिरुपति

शुक्रवार, 6 जून 202505:4418:38

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ07:21 –08:58शुभ12:11 –13:48शुभ00:11, 7 जून –01:34, 7 जूनअमृत01:34, 7 जून –02:58, 7 जून
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:44
  • चरसम05:44 –07:21
  • लाभलाभ07:21 –08:58
  • अमृतश्रेष्ठ08:58 –10:34वार वेला
  • कालहानि10:34 –12:11काल वेलाराहुकाल
  • शुभशुभ12:11 –13:48
  • रोगअनिष्ट13:48 –15:25
  • उद्वेगअशुभ15:25 –17:01
  • चरसम17:01 –18:38
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:38
  • रोगअनिष्ट18:38 –20:01
  • कालहानि20:01 –21:25
  • लाभलाभ21:25 –22:48काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ22:48 –00:11, 7 जून
  • शुभशुभ00:11, 7 जून –01:34, 7 जून
  • अमृतश्रेष्ठ01:34, 7 जून –02:58, 7 जून
  • चरसम02:58, 7 जून –04:21, 7 जून
  • रोगअनिष्ट04:21, 7 जून –05:44, 7 जून
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

तिरुपति में 6 जून 2025 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:44 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 07:21–08:58, शुभ 12:11–13:48। राहुकाल 10:34–12:11।

चौघड़िया — अन्य शहर