चौघड़िया · तिरुवनंतपुरम
शनिवार, 22 फ़रवरी 202506:3818:33
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- कालहानि06:38 –08:08काल वेला
- शुभशुभ08:08 –09:37
- रोगअनिष्ट09:37 –11:06राहुकाल
- उद्वेगअशुभ11:06 –12:36
- चरसम12:36 –14:05
- लाभलाभ14:05 –15:34वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ15:34 –17:04
- कालहानि17:04 –18:33काल वेला
- लाभलाभ18:33 –20:04काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ20:04 –21:34
- शुभशुभ21:34 –23:05
- अमृतश्रेष्ठ23:05 –00:36, 23 फ़र॰
- चरसम00:36, 23 फ़र॰ –02:06, 23 फ़र॰
- रोगअनिष्ट02:06, 23 फ़र॰ –03:37, 23 फ़र॰
- कालहानि03:37, 23 फ़र॰ –05:07, 23 फ़र॰
- लाभलाभ05:07, 23 फ़र॰ –06:38, 23 फ़र॰काल रात्रि
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
तिरुवनंतपुरम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
तिरुवनंतपुरम में 22 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:38 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 08:08–09:37, अमृत 15:34–17:04। राहुकाल 09:37–11:06।