चौघड़िया · सूरत
मंगलवार, 4 अगस्त 202606:1319:16
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- रोगअनिष्ट06:13 –07:51
- उद्वेगअशुभ07:51 –09:29वार वेला
- चरसम09:29 –11:07
- लाभलाभ11:07 –12:45
- अमृतश्रेष्ठ12:45 –14:23
- कालहानि14:23 –16:00काल वेला
- शुभशुभ16:00 –17:38राहुकाल
- रोगअनिष्ट17:38 –19:16
- कालहानि19:16 –20:38
- लाभलाभ20:38 –22:00काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ22:00 –23:23
- शुभशुभ23:23 –00:45, 5 अग॰
- अमृतश्रेष्ठ00:45, 5 अग॰ –02:07, 5 अग॰
- चरसम02:07, 5 अग॰ –03:29, 5 अग॰
- रोगअनिष्ट03:29, 5 अग॰ –04:52, 5 अग॰
- कालहानि04:52, 5 अग॰ –06:14, 5 अग॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
सूरत में 4 अगस्त 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:13 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 11:07–12:45, अमृत 12:45–14:23, शुभ 16:00–17:38। राहुकाल 16:00–17:38।