चौघड़िया · श्रीनगर

रविवार, 18 जून 202805:1919:45

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ08:56 –10:44शुभ14:20 –16:08शुभ19:45 –20:57अमृत20:57 –22:09शुभ04:08, 19 जून –05:19, 19 जून
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:19
  • उद्वेगअशुभ05:19 –07:07
  • चरसम07:07 –08:56
  • लाभलाभ08:56 –10:44
  • अमृतश्रेष्ठ10:44 –12:32वार वेला
  • कालहानि12:32 –14:20काल वेला
  • शुभशुभ14:20 –16:08
  • रोगअनिष्ट16:08 –17:57
  • उद्वेगअशुभ17:57 –19:45राहुकाल
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 19:45
  • शुभशुभ19:45 –20:57
  • अमृतश्रेष्ठ20:57 –22:09
  • चरसम22:09 –23:20
  • रोगअनिष्ट23:20 –00:32, 19 जून
  • कालहानि00:32, 19 जून –01:44, 19 जून
  • लाभलाभ01:44, 19 जून –02:56, 19 जूनकाल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ02:56, 19 जून –04:08, 19 जून
  • शुभशुभ04:08, 19 जून –05:19, 19 जून
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

श्रीनगर में 18 जून 2028 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:19 से दिन के चौघड़िया: उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग। शुभ: लाभ 08:56–10:44, शुभ 14:20–16:08। राहुकाल 17:57–19:45।

चौघड़िया — अन्य शहर