चौघड़िया · श्रीनगर
शनिवार, 2 अगस्त 202505:4319:31
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- कालहानि05:43 –07:26काल वेला
- शुभशुभ07:26 –09:10
- रोगअनिष्ट09:10 –10:53राहुकाल
- उद्वेगअशुभ10:53 –12:37
- चरसम12:37 –14:20
- लाभलाभ14:20 –16:04वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ16:04 –17:47
- कालहानि17:47 –19:31काल वेला
- लाभलाभ19:31 –20:48काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ20:48 –22:04
- शुभशुभ22:04 –23:21
- अमृतश्रेष्ठ23:21 –00:37, 3 अग॰
- चरसम00:37, 3 अग॰ –01:54, 3 अग॰
- रोगअनिष्ट01:54, 3 अग॰ –03:10, 3 अग॰
- कालहानि03:10, 3 अग॰ –04:27, 3 अग॰
- लाभलाभ04:27, 3 अग॰ –05:43, 3 अग॰काल रात्रि
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
श्रीनगर में 2 अगस्त 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:43 से दिन के चौघड़िया: काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल। शुभ: शुभ 07:26–09:10, अमृत 16:04–17:47। राहुकाल 09:10–10:53।