चौघड़िया · श्रीनगर
शुक्रवार, 17 जनवरी 202507:3617:46
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- चरसम07:36 –08:52
- लाभलाभ08:52 –10:08
- अमृतश्रेष्ठ10:08 –11:25वार वेला
- कालहानि11:25 –12:41काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ12:41 –13:57
- रोगअनिष्ट13:57 –15:14
- उद्वेगअशुभ15:14 –16:30
- चरसम16:30 –17:46
- रोगअनिष्ट17:46 –19:30
- कालहानि19:30 –21:14
- लाभलाभ21:14 –22:57काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ22:57 –00:41, 18 जन॰
- शुभशुभ00:41, 18 जन॰ –02:24, 18 जन॰
- अमृतश्रेष्ठ02:24, 18 जन॰ –04:08, 18 जन॰
- चरसम04:08, 18 जन॰ –05:52, 18 जन॰
- रोगअनिष्ट05:52, 18 जन॰ –07:35, 18 जन॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
श्रीनगर में 17 जनवरी 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 07:36 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 08:52–10:08, शुभ 12:41–13:57। राहुकाल 11:25–12:41।