चौघड़िया · राँची
सोमवार, 30 अक्टूबर 202805:5317:11
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- अमृतश्रेष्ठ05:53 –07:18
- कालहानि07:18 –08:43काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ08:43 –10:07
- रोगअनिष्ट10:07 –11:32
- उद्वेगअशुभ11:32 –12:57
- चरसम12:57 –14:22
- लाभलाभ14:22 –15:47वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ15:47 –17:11
- चरसम17:11 –18:47
- रोगअनिष्ट18:47 –20:22
- कालहानि20:22 –21:57
- लाभलाभ21:57 –23:33काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ23:33 –01:08, 31 अक्टू॰
- शुभशुभ01:08, 31 अक्टू॰ –02:43, 31 अक्टू॰
- अमृतश्रेष्ठ02:43, 31 अक्टू॰ –04:18, 31 अक्टू॰
- चरसम04:18, 31 अक्टू॰ –05:54, 31 अक्टू॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
राँची में 30 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:53 से दिन के चौघड़िया: अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत। शुभ: अमृत 05:53–07:18, शुभ 08:43–10:07, अमृत 15:47–17:11। राहुकाल 07:18–08:43।