चौघड़िया · प्रयागराज

गुरुवार, 3 अप्रैल 202505:5218:20

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

शुभ05:52 –07:26लाभ12:06 –13:40अमृत18:20 –19:46शुभ02:58, 4 अप्रैल –04:25, 4 अप्रैलअमृत04:25, 4 अप्रैल –05:51, 4 अप्रैल
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:52
  • शुभशुभ05:52 –07:26
  • रोगअनिष्ट07:26 –08:59
  • उद्वेगअशुभ08:59 –10:33
  • चरसम10:33 –12:06
  • लाभलाभ12:06 –13:40
  • अमृतश्रेष्ठ13:40 –15:13राहुकाल
  • कालहानि15:13 –16:47काल वेला
  • शुभशुभ16:47 –18:20वार वेला
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:20
  • अमृतश्रेष्ठ18:20 –19:46
  • चरसम19:46 –21:13
  • रोगअनिष्ट21:13 –22:39
  • कालहानि22:39 –00:06, 4 अप्रैल
  • लाभलाभ00:06, 4 अप्रैल –01:32, 4 अप्रैलकाल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ01:32, 4 अप्रैल –02:58, 4 अप्रैल
  • शुभशुभ02:58, 4 अप्रैल –04:25, 4 अप्रैल
  • अमृतश्रेष्ठ04:25, 4 अप्रैल –05:51, 4 अप्रैल
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

प्रयागराज में 3 अप्रैल 2025 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:52 से दिन के चौघड़िया: शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ। शुभ: शुभ 05:52–07:26, लाभ 12:06–13:40, अमृत 13:40–15:13। राहुकाल 13:40–15:13।

चौघड़िया — अन्य शहर