चौघड़िया · पटना
गुरुवार, 4 फ़रवरी 202706:3217:35
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- शुभशुभ06:32 –07:55
- रोगअनिष्ट07:55 –09:18
- उद्वेगअशुभ09:18 –10:40
- चरसम10:40 –12:03
- लाभलाभ12:03 –13:26
- अमृतश्रेष्ठ13:26 –14:49राहुकाल
- कालहानि14:49 –16:12काल वेला
- शुभशुभ16:12 –17:35वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ17:35 –19:12
- चरसम19:12 –20:49
- रोगअनिष्ट20:49 –22:26
- कालहानि22:26 –00:03, 5 फ़र॰
- लाभलाभ00:03, 5 फ़र॰ –01:40, 5 फ़र॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ01:40, 5 फ़र॰ –03:17, 5 फ़र॰
- शुभशुभ03:17, 5 फ़र॰ –04:54, 5 फ़र॰
- अमृतश्रेष्ठ04:54, 5 फ़र॰ –06:31, 5 फ़र॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
पटना के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
पटना में 4 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:32 से दिन के चौघड़िया: शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ। शुभ: शुभ 06:32–07:55, लाभ 12:03–13:26, अमृत 13:26–14:49। राहुकाल 13:26–14:49।