चौघड़िया · कोच्चि
गुरुवार, 29 अक्टूबर 202606:1518:02
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- शुभशुभ06:15 –07:43
- रोगअनिष्ट07:43 –09:12
- उद्वेगअशुभ09:12 –10:40
- चरसम10:40 –12:09
- लाभलाभ12:09 –13:37
- अमृतश्रेष्ठ13:37 –15:06राहुकाल
- कालहानि15:06 –16:34काल वेला
- शुभशुभ16:34 –18:02वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ18:02 –19:34
- चरसम19:34 –21:06
- रोगअनिष्ट21:06 –22:37
- कालहानि22:37 –00:09, 30 अक्टू॰
- लाभलाभ00:09, 30 अक्टू॰ –01:40, 30 अक्टू॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ01:40, 30 अक्टू॰ –03:12, 30 अक्टू॰
- शुभशुभ03:12, 30 अक्टू॰ –04:43, 30 अक्टू॰
- अमृतश्रेष्ठ04:43, 30 अक्टू॰ –06:15, 30 अक्टू॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
कोच्चि के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
कोच्चि में 29 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:15 से दिन के चौघड़िया: शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ। शुभ: शुभ 06:15–07:43, लाभ 12:09–13:37, अमृत 13:37–15:06। राहुकाल 13:37–15:06।