चौघड़िया · चंडीगढ़
बुधवार, 21 अक्टूबर 202606:2917:45
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- लाभलाभ06:29 –07:54
- अमृतश्रेष्ठ07:54 –09:18
- कालहानि09:18 –10:43काल वेला
- शुभशुभ10:43 –12:07
- रोगअनिष्ट12:07 –13:32वार वेलाराहुकाल
- उद्वेगअशुभ13:32 –14:56
- चरसम14:56 –16:21
- लाभलाभ16:21 –17:45
- उद्वेगअशुभ17:45 –19:21
- शुभशुभ19:21 –20:57
- अमृतश्रेष्ठ20:57 –22:32
- चरसम22:32 –00:08, 22 अक्टू॰
- रोगअनिष्ट00:08, 22 अक्टू॰ –01:43, 22 अक्टू॰
- कालहानि01:43, 22 अक्टू॰ –03:19, 22 अक्टू॰
- लाभलाभ03:19, 22 अक्टू॰ –04:54, 22 अक्टू॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ04:54, 22 अक्टू॰ –06:30, 22 अक्टू॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
चंडीगढ़ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
चंडीगढ़ में 21 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:29 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 06:29–07:54, अमृत 07:54–09:18, शुभ 10:43–12:07, लाभ 16:21–17:45। राहुकाल 12:07–13:32।