चौघड़िया · भुवनेश्वर
मंगलवार, 11 फ़रवरी 202506:1817:44
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- रोगअनिष्ट06:18 –07:44
- उद्वेगअशुभ07:44 –09:10वार वेला
- चरसम09:10 –10:35
- लाभलाभ10:35 –12:01
- अमृतश्रेष्ठ12:01 –13:27
- कालहानि13:27 –14:52काल वेला
- शुभशुभ14:52 –16:18राहुकाल
- रोगअनिष्ट16:18 –17:44
- कालहानि17:44 –19:18
- लाभलाभ19:18 –20:52काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ20:52 –22:26
- शुभशुभ22:26 –00:01, 12 फ़र॰
- अमृतश्रेष्ठ00:01, 12 फ़र॰ –01:35, 12 फ़र॰
- चरसम01:35, 12 फ़र॰ –03:09, 12 फ़र॰
- रोगअनिष्ट03:09, 12 फ़र॰ –04:44, 12 फ़र॰
- कालहानि04:44, 12 फ़र॰ –06:18, 12 फ़र॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
भुवनेश्वर में 11 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:18 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:35–12:01, अमृत 12:01–13:27, शुभ 14:52–16:18। राहुकाल 14:52–16:18।