चौघड़िया · भुवनेश्वर

मंगलवार, 3 दिसंबर 202406:0717:06

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ10:14 –11:37अमृत11:37 –12:59शुभ21:59 –23:37अमृत23:37 –01:15, 4 दिस॰
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 06:07
  • रोगअनिष्ट06:07 –07:30
  • उद्वेगअशुभ07:30 –08:52वार वेला
  • चरसम08:52 –10:14
  • लाभलाभ10:14 –11:37
  • अमृतश्रेष्ठ11:37 –12:59
  • कालहानि12:59 –14:21काल वेला
  • शुभशुभ14:21 –15:44राहुकाल
  • रोगअनिष्ट15:44 –17:06
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 17:06
  • कालहानि17:06 –18:44
  • लाभलाभ18:44 –20:21काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ20:21 –21:59
  • शुभशुभ21:59 –23:37
  • अमृतश्रेष्ठ23:37 –01:15, 4 दिस॰
  • चरसम01:15, 4 दिस॰ –02:52, 4 दिस॰
  • रोगअनिष्ट02:52, 4 दिस॰ –04:30, 4 दिस॰
  • कालहानि04:30, 4 दिस॰ –06:08, 4 दिस॰
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

भुवनेश्वर में 3 दिसंबर 2024 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 06:07 से दिन के चौघड़िया: रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग। शुभ: लाभ 10:14–11:37, अमृत 11:37–12:59, शुभ 14:21–15:44। राहुकाल 14:21–15:44।

चौघड़िया — अन्य शहर