अभिजित मुहूर्त · नई दिल्ली

मंगलवार, 11 अगस्त 203705:4819:04

अभिजित मुहूर्त

53 मि.
12:00 –12:53

मध्याह्न का मुहूर्त, अधिकांश कार्य आरंभ के लिए शुभ (बुधवार को नहीं)।

राहु काल

1 घं. 40 मि.
15:45 –17:25

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त

42 मि.
04:23 –05:05

ध्यान, अध्ययन और प्रार्थना का उषःकाल।

प्रातः संध्या

1 घं. 4 मि.
04:44 –05:48

प्रातः संध्या: संध्या-वंदन और जप का समय।

विजय मुहूर्त

53 मि.
14:39 –15:32

विजय मुहूर्त: सफलता चाहने वाले कार्यों के लिए शुभ।

गोधूलि मुहूर्त

22 मि.
19:04 –19:26

सूर्यास्त की गोधूलि वेला, विवाह और गृह प्रवेश के लिए श्रेष्ठ।

सायाह्न संध्या

1 घं. 5 मि.
19:04 –20:09

सायं संध्या: दीप जलाने और प्रार्थना का समय।

निशीथ मुहूर्त

43 मि.
00:05, 12 अग॰ –00:48, 12 अग॰

मध्यरात्रि का मुहूर्त, शिव और रात्रि पूजा के लिए।

अमृत काल

1 घं. 26 मि.
23:13 –00:39, 12 अग॰

नक्षत्र का अमृत काल: शुभ कार्यों के लिए उत्तम।

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

अभिजित मुहूर्त

अभिजित दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है, स्थानीय मध्याह्न के आसपास आता है और (बुधवार को छोड़कर) लगभग हर आरंभ के लिए शुभ माना जाता है। भोर से पहले का ब्रह्म मुहूर्त पूजा-पाठ और अध्ययन के लिए है, विजय मुहूर्त सफलता देता है, गोधूलि गायों के लौटने की वेला है, जो विवाह के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है, और निशीथ शिव पूजा का मध्यरात्रि मुहूर्त है।

अभिजित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित दिन के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ है, स्थानीय मध्याह्न के आसपास आता है और (बुधवार को छोड़कर) लगभग हर आरंभ के लिए शुभ माना जाता है। भोर से पहले का ब्रह्म मुहूर्त पूजा-पाठ और अध्ययन के लिए है, विजय मुहूर्त सफलता देता है, गोधूलि गायों के लौटने की वेला है, जो विवाह के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है, और निशीथ शिव पूजा का मध्यरात्रि मुहूर्त है।

नई दिल्ली में 11 अगस्त 2037 का अभिजित मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:05, साथ में विजय, गोधूलि और निशीथ मुहूर्त।

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