संक्रांति 2037
संक्रांति सूर्य का नई राशि में प्रवेश है — वर्ष में बारह, जिनमें जनवरी की मकर संक्रांति सबसे प्रसिद्ध। प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो तो संक्रांति अगले दिन मानी जाती है।
- 14जन॰मकर संक्रांतिबुधवार
- 13फ़र॰कुम्भ संक्रांतिशुक्रवार
- 15मार्चमीन संक्रांतिरविवार
- 14अप्रैलमेष संक्रांतिमंगलवार
- 15मईवृषभ संक्रांतिशुक्रवार
- 15जूनमिथुन संक्रांतिसोमवार
- 17जुल॰कर्क संक्रांतिशुक्रवार
- 17अग॰सिंह संक्रांतिसोमवार
- 17सित॰कन्या संक्रांतिगुरुवार
- 17अक्टू॰तुला संक्रांतिशनिवार
- 16नव॰वृश्चिक संक्रांतिसोमवार
- 16दिस॰धनु संक्रांतिबुधवार
प्रश्न-उत्तर
2037 में कितनी संक्रांति हैं?
12 — पहली मकर संक्रांति (बुधवार, 14 जनवरी 2037), अंतिम धनु संक्रांति (16 दिसंबर 2037)।
संक्रांति की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।