एकादशी 2010
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 10जन॰षट्तिला एकादशीरविवार
- 26जन॰जया एकादशीमंगलवार
- 9फ़र॰विजया एकादशीमंगलवार
- 25फ़र॰आमलकी एकादशीगुरुवार
- 11मार्चपापमोचनी एकादशीगुरुवार
- 26मार्चकामदा एकादशीशुक्रवार
- 10अप्रैलवरुथिनी एकादशीशनिवार
- 24अप्रैलपद्मिनी एकादशीशनिवार
- 9मईपरमा एकादशीरविवार
- 24मईमोहिनी एकादशीसोमवार
- 8जूनअपरा एकादशीमंगलवार
- 22जूननिर्जला एकादशीमंगलवार
- 8जुल॰योगिनी एकादशीगुरुवार
- 21जुल॰देवशयनी एकादशीबुधवार
- 6अग॰कामिका एकादशीशुक्रवार
- 20अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीशुक्रवार
- 4सित॰अजा एकादशीशनिवार
- 18सित॰परिवर्तिनी एकादशीशनिवार
- 4अक्टू॰इंदिरा एकादशीसोमवार
- 18अक्टू॰पापांकुशा एकादशीसोमवार
- 2नव॰रमा एकादशीमंगलवार
- 17नव॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीबुधवार
- 1दिस॰उत्पन्ना एकादशीबुधवार
- 17दिस॰मोक्षदा एकादशीशुक्रवार
- 31दिस॰सफला एकादशीशुक्रवार
प्रश्न-उत्तर
2010 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली षट्तिला एकादशी (रविवार, 10 जनवरी 2010), अंतिम सफला एकादशी (31 दिसंबर 2010)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।