पंचांग · गुरुवार, 17 जुलाई 2025विशाखापत्तनम

आषाढ़ · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2082

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:31सूर्योदय18:35सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 19:09 तक
नक्षत्र
रेवती
03:39, 18 जुल॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3118:35
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:41 –15:19
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:31दिन18:35
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
गंड मूल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:35रात05:31
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    19:09 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    17:02, 18 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    03:39, 18 जुल॰ तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    02:14, 19 जुल॰ तक
योग
  1. अतिगण्ड
    09:28 तक
  2. सुकर्मा
    06:48, 18 जुल॰ तक
करण
  1. विष्टि
    08:07 तक
  2. बव
    19:09 तक
  3. बालव
    06:07, 18 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:31
बिंब मध्य 05:34
सूर्यास्त
18:35
बिंब मध्य 18:31
चंद्रोदय
23:16
चंद्रास्त
11:15
दिनमान
13h 4m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
03:39, 18 जुल॰ तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:47
  • प्रातः संध्या04:26 –05:31
  • अभिजित मुहूर्त11:37 –12:29
  • विजय मुहूर्त14:14 –15:06
  • गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:57
  • सायाह्न संध्या18:35 –19:41
  • निशीथ मुहूर्त23:42 –00:25, 18 जुल॰
  • अमृत काल01:22 –02:53, 18 जुल॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:41 –15:19
  • यमगंड05:31 –07:09
  • गुलिक काल08:47 –10:25
  • दुर्मुहूर्त09:53 –10:45
  • दुर्मुहूर्त15:06 –15:59
  • वर्ज्य16:14 –17:46
  • गंड मूल05:31 –03:39, 18 जुल॰
  • गंड मूल03:39 –05:31, 18 जुल॰
  • भद्रा05:31 –08:07

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:31 – 07:09
  • रोग07:09 – 08:47
  • उद्वेग08:47 – 10:25
  • चर10:25 – 12:03
  • लाभ12:03 – 13:41
  • अमृत13:41 – 15:19
  • काल15:19 – 16:57
  • शुभ16:57 – 18:35
रात
  • अमृत18:35 – 19:57
  • चर19:57 – 21:19
  • रोग21:19 – 22:41
  • काल22:41 – 00:03
  • लाभ00:03 – 01:25
  • उद्वेग01:25 – 02:47
  • शुभ02:47 – 04:09
  • अमृत04:09 – 05:31

होरा

दिन
  • गुरु05:31–06:36
  • मंगल06:36–07:42
  • सूर्य07:42–08:47
  • शुक्र08:47–09:53
  • बुध09:53–10:58
  • चन्द्र10:58–12:03
  • शनि12:03–13:09
  • गुरु13:09–14:14
  • मंगल14:14–15:19
  • सूर्य15:19–16:25
  • शुक्र16:25–17:30
  • बुध17:30–18:35
रात
  • चन्द्र18:35–19:30
  • शनि19:30–20:25
  • गुरु20:25–21:19
  • मंगल21:19–22:14
  • सूर्य22:14–23:09
  • शुक्र23:09–00:03
  • बुध00:03–00:58
  • चन्द्र00:58–01:53
  • शनि01:53–02:47
  • गुरु02:47–03:42
  • मंगल03:42–04:37
  • सूर्य04:37–05:31

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद10:34 तक
  • रेवती 2 पद16:16 तक
  • रेवती 3 पद21:58 तक
  • रेवती 4 पद03:39, 18 जुल॰ तक
  • अश्विनी 1 पद09:19, 18 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 4m
रात्रिमान
10h 56m
मध्याह्न
12:03

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 03:39, 18 जुल॰ तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 03:39, 18 जुल॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 03:39, 18 जुल॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:09 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 19:09 तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:31 –05:32
  • राज पंचक05:32 –07:45
  • शुभ मुहूर्त07:45 –09:51
  • चोर पंचक09:51 –11:57
  • शुभ मुहूर्त11:57 –14:07
  • रोग पंचक14:07 –16:21
  • शुभ मुहूर्त16:21 –18:27
  • मृत्यु पंचक18:27 –19:09
  • अग्नि पंचक19:09 –20:17
  • शुभ मुहूर्त20:17 –21:55
  • राज पंचक21:55 –23:31
  • अग्नि पंचक23:31 –01:16, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त01:16 –03:16, 18 जुल॰
  • राज पंचक03:16 –03:39, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त03:39 –05:28, 18 जुल॰
  • चोर पंचक05:28 –05:31, 18 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन03:20 –05:32
  • कर्क05:32 –07:45
  • सिंह07:45 –09:51
  • कन्या09:51 –11:57
  • तुला11:57 –14:07
  • वृश्चिक14:07 –16:21
  • धनु16:21 –18:27
  • मकर18:27 –20:17
  • कुम्भ20:17 –21:55
  • मीन21:55 –23:31
  • मेष23:31 –01:16, 18 जुल॰
  • वृषभ01:16 –03:16, 18 जुल॰
  • मिथुन03:16 –05:28, 18 जुल॰
  • कर्क05:28 –07:41, 18 जुल॰

पंचांग · विशाखापत्तनम, 17 जुलाई 2025

गुरुवार, 17 जुलाई 2025 को विशाखापत्तनम में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 19:09 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र रेवती 18 जुलाई 03:39 तक, फिर अश्विनी; योग अतिगण्ड 09:28 तक, फिर सुकर्मा; करण विष्टि 08:07 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 13:41–15:19, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:29। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

विशाखापत्तनम में 17 जुलाई 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 19:09 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:31, विशाखापत्तनम)।

17 जुलाई 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 18 जुलाई 03:39 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 18 जुलाई 03:39 तक।

विशाखापत्तनम में 17 जुलाई 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:41–15:19, यमगण्ड 05:31–07:09, गुलिक काल 08:47–10:25।

विशाखापत्तनम में 17 जुलाई 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 23:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 जुलाई 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:37–12:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

विशाखापत्तनम हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2139° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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