पंचांग · शनिवार, 4 नवंबर 2028वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
मासिक कैलेंडरलग्न कुंडली · अभी
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पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया17:00 तक
- कृष्ण तृतीया17:33, 5 नव॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य12:35 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र13:47, 5 नव॰ तक
- वरीयान्15:52 तक
- परिघ15:12, 5 नव॰ तक
- गर17:00 तक
- वणिज05:19, 5 नव॰ तक
- विष्टि17:33, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:08बिंब मध्य 06:11
- सूर्यास्त
- 17:15बिंब मध्य 17:11
- चंद्रोदय
- 18:31
- चंद्रास्त
- 07:46
- दिनमान
- 11h 7m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृषभ02:14, 6 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2085
- शक संवत
- 1950
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:16
- प्रातः संध्या04:51 –06:08
- अभिजित मुहूर्त11:19 –12:04
- विजय मुहूर्त13:33 –14:17
- गोधूलि मुहूर्त17:15 –17:41
- सायाह्न संध्या17:15 –18:33
- निशीथ मुहूर्त23:16 –00:08, 5 नव॰
- अमृत काल10:02 –11:44
- राहु काल08:55 –10:18
- यमगंड13:05 –14:28
- गुलिक काल06:08 –07:31
- दुर्मुहूर्त06:08 –06:52
- दुर्मुहूर्त06:52 –07:37
- वर्ज्य05:23 –07:04, 5 नव॰
- भद्रा05:19 –06:09, 5 नव॰
चौघड़िया
- काल06:08 – 07:31
- शुभ07:31 – 08:55
- रोग08:55 – 10:18
- उद्वेग10:18 – 11:42
- चर11:42 – 13:05
- लाभ13:05 – 14:28
- अमृत14:28 – 15:52
- काल15:52 – 17:15
- लाभ17:15 – 18:52
- उद्वेग18:52 – 20:29
- शुभ20:29 – 22:05
- अमृत22:05 – 23:42
- चर23:42 – 01:19
- रोग01:19 – 02:55
- काल02:55 – 04:32
- लाभ04:32 – 06:09
होरा
- शनि06:08–07:03
- गुरु07:03–07:59
- मंगल07:59–08:55
- सूर्य08:55–09:50
- शुक्र09:50–10:46
- बुध10:46–11:42
- चन्द्र11:42–12:37
- शनि12:37–13:33
- गुरु13:33–14:28
- मंगल14:28–15:24
- सूर्य15:24–16:20
- शुक्र16:20–17:15
- बुध17:15–18:20
- चन्द्र18:20–19:24
- शनि19:24–20:29
- गुरु20:29–21:33
- मंगल21:33–22:37
- सूर्य22:37–23:42
- शुक्र23:42–00:46
- बुध00:46–01:51
- चन्द्र01:51–02:55
- शनि02:55–04:00
- गुरु04:00–05:04
- मंगल05:04–06:09
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद06:14 तक
- कृत्तिका 4 पद12:35 तक
- रोहिणी 1 पद18:55 तक
- रोहिणी 2 पद01:14, 5 नव॰ तक
- रोहिणी 3 पद07:31, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 7m
- रात्रिमान
- 12h 54m
- मध्याह्न
- 11:42
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 17:00 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 17:00 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:08 –07:07
- रोग पंचक07:07 –09:24
- शुभ मुहूर्त09:24 –11:29
- मृत्यु पंचक11:29 –12:35
- अग्नि पंचक12:35 –13:13
- शुभ मुहूर्त13:13 –14:44
- राज पंचक14:44 –16:13
- अग्नि पंचक16:13 –17:00
- शुभ मुहूर्त17:00 –17:51
- राज पंचक17:51 –19:48
- शुभ मुहूर्त19:48 –22:02
- चोर पंचक22:02 –00:20, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:20 –02:34, 5 नव॰
- रोग पंचक02:34 –04:47, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त04:47 –06:09, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला04:51 –07:07
- वृश्चिक07:07 –09:24
- धनु09:24 –11:29
- मकर11:29 –13:13
- कुम्भ13:13 –14:44
- मीन14:44 –16:13
- मेष16:13 –17:51
- वृषभ17:51 –19:48
- मिथुन19:48 –22:02
- कर्क22:02 –00:20, 5 नव॰
- सिंह00:20 –02:34, 5 नव॰
- कन्या02:34 –04:47, 5 नव॰
- तुला04:47 –07:03, 5 नव॰
पंचांग · वाराणसी, 4 नवंबर 2028
शनिवार, 4 नवंबर 2028 को वाराणसी में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 17:15 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 17:00 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र कृत्तिका 12:35 तक, फिर रोहिणी; योग वरीयान् 15:52 तक, फिर परिघ; करण गर 17:00 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:55–10:18, अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 4 नवंबर 2028 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 17:00 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:08, वाराणसी)।
4 नवंबर 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 12:35 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 6 नवंबर 02:14 तक।
वाराणसी में 4 नवंबर 2028 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:55–10:18, यमगण्ड 13:05–14:28, गुलिक काल 06:08–07:31।
वाराणसी में 4 नवंबर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 17:15, चंद्रोदय 18:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:19–12:04, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2600° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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