पंचांग · गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026वाराणसी

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:53सूर्योदय17:38सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 22:16 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
21:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5317:38
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:14 –14:42
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:53दिन17:38
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:38रात05:54
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    22:16 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    21:20 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुक्ल
    00:58, 9 अक्टू॰ तक
  2. ब्रह्मा
    23:20, 9 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    10:44 तक
  2. वणिज
    22:16 तक
  3. विष्टि
    09:53, 9 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:53
बिंब मध्य 05:56
सूर्यास्त
17:38
बिंब मध्य 17:34
चंद्रोदय
03:27
चंद्रास्त
16:08
दिनमान
11h 45m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:15 –05:04
  • प्रातः संध्या04:40 –05:53
  • अभिजित मुहूर्त11:22 –12:09
  • विजय मुहूर्त13:43 –14:30
  • गोधूलि मुहूर्त17:38 –18:02
  • सायाह्न संध्या17:38 –18:52
  • निशीथ मुहूर्त23:21 –00:10, 9 अक्टू॰
  • अमृत काल15:01 –16:36
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:14 –14:42
  • यमगंड05:53 –07:21
  • गुलिक काल08:49 –10:17
  • दुर्मुहूर्त09:48 –10:35
  • दुर्मुहूर्त14:30 –15:17
  • वर्ज्य05:33 –07:08
  • वर्ज्य04:32 –06:08, 9 अक्टू॰
  • भद्रा22:16 –05:54, 9 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:53 – 07:21
  • रोग07:21 – 08:49
  • उद्वेग08:49 – 10:17
  • चर10:17 – 11:46
  • लाभ11:46 – 13:14
  • अमृत13:14 – 14:42
  • काल14:42 – 16:10
  • शुभ16:10 – 17:38
रात
  • अमृत17:38 – 19:10
  • चर19:10 – 20:42
  • रोग20:42 – 22:14
  • काल22:14 – 23:46
  • लाभ23:46 – 01:18
  • उद्वेग01:18 – 02:50
  • शुभ02:50 – 04:22
  • अमृत04:22 – 05:54

होरा

दिन
  • गुरु05:53–06:52
  • मंगल06:52–07:51
  • सूर्य07:51–08:49
  • शुक्र08:49–09:48
  • बुध09:48–10:47
  • चन्द्र10:47–11:46
  • शनि11:46–12:44
  • गुरु12:44–13:43
  • मंगल13:43–14:42
  • सूर्य14:42–15:40
  • शुक्र15:40–16:39
  • बुध16:39–17:38
रात
  • चन्द्र17:38–18:39
  • शनि18:39–19:41
  • गुरु19:41–20:42
  • मंगल20:42–21:43
  • सूर्य21:43–22:44
  • शुक्र22:44–23:46
  • बुध23:46–00:47
  • चन्द्र00:47–01:48
  • शनि01:48–02:50
  • गुरु02:50–03:51
  • मंगल03:51–04:52
  • सूर्य04:52–05:54

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद09:28 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद15:23 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद21:20 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद03:18, 9 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद09:17, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 45m
रात्रिमान
12h 16m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 03:18, 9 अक्टू॰ तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 21:20 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 03:18, 9 अक्टू॰ तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 22:16 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 22:16 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:53 –06:39
  • चोर पंचक06:39 –08:55
  • शुभ मुहूर्त08:55 –11:12
  • रोग पंचक11:12 –13:17
  • शुभ मुहूर्त13:17 –15:02
  • मृत्यु पंचक15:02 –16:32
  • अग्नि पंचक16:32 –18:01
  • शुभ मुहूर्त18:01 –19:39
  • मृत्यु पंचक19:39 –21:20
  • अग्नि पंचक21:20 –21:36
  • शुभ मुहूर्त21:36 –22:16
  • राज पंचक22:16 –23:50
  • शुभ मुहूर्त23:50 –02:08, 9 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:08 –04:22, 9 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:22 –05:54, 9 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:26 –06:39
  • तुला06:39 –08:55
  • वृश्चिक08:55 –11:12
  • धनु11:12 –13:17
  • मकर13:17 –15:02
  • कुम्भ15:02 –16:32
  • मीन16:32 –18:01
  • मेष18:01 –19:39
  • वृषभ19:39 –21:36
  • मिथुन21:36 –23:50
  • कर्क23:50 –02:08, 9 अक्टू॰
  • सिंह02:08 –04:22, 9 अक्टू॰
  • कन्या04:22 –06:35, 9 अक्टू॰

पंचांग · वाराणसी, 8 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में सूर्योदय 05:53 और सूर्यास्त 17:38 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुक्ल 9 अक्टूबर 00:58 तक, फिर ब्रह्मा; करण गर 10:44 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:14–14:42, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:09। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 8 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:53, वाराणसी)।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 9 अक्टूबर 03:18 तक।

वाराणसी में 8 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:14–14:42, यमगण्ड 05:53–07:21, गुलिक काल 08:49–10:17।

वाराणसी में 8 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 17:38, चंद्रोदय 03:27 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

8 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:22–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:15–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2310° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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