पंचांग · शुक्रवार, 21 मार्च 2025वाराणसी

फाल्गुन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:01सूर्योदय18:10सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 04:24, 22 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
01:45, 22 मार्च तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0118:10
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:34 –12:05
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:01दिन18:10
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गंड मूल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:10रात06:00
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    04:24, 22 मार्च तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    05:23, 23 मार्च तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    01:45, 22 मार्च तक
  2. मूलस्वामी केतु
    03:23, 23 मार्च तक
योग
  1. सिद्धि
    18:41 तक
  2. व्यतीपात
    18:36, 22 मार्च तक
करण
  1. विष्टि
    15:39 तक
  2. बव
    04:24, 22 मार्च तक
  3. बालव
    16:59, 22 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:01
बिंब मध्य 06:04
सूर्यास्त
18:10
बिंब मध्य 18:06
चंद्रोदय
—
चंद्रास्त
10:01
दिनमान
12h 9m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
01:45, 22 मार्च तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
  • प्रातः संध्या04:50 –06:01
  • अभिजित मुहूर्त11:41 –12:30
  • विजय मुहूर्त14:07 –14:55
  • गोधूलि मुहूर्त18:10 –18:33
  • सायाह्न संध्या18:10 –19:21
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:29, 22 मार्च
  • अमृत काल16:08 –17:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:34 –12:05
  • यमगंड15:08 –16:39
  • गुलिक काल07:32 –09:03
  • दुर्मुहूर्त08:27 –09:15
  • दुर्मुहूर्त12:30 –13:18
  • वर्ज्य05:39 –07:23
  • गंड मूल06:01 –01:45, 22 मार्च
  • गंड मूल01:45 –06:00, 22 मार्च
  • भद्रा06:01 –15:39

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:01 – 07:32
  • लाभ07:32 – 09:03
  • अमृत09:03 – 10:34
  • काल10:34 – 12:05
  • शुभ12:05 – 13:37
  • रोग13:37 – 15:08
  • उद्वेग15:08 – 16:39
  • चर16:39 – 18:10
रात
  • रोग18:10 – 19:39
  • काल19:39 – 21:07
  • लाभ21:07 – 22:36
  • उद्वेग22:36 – 00:05
  • शुभ00:05 – 01:34
  • अमृत01:34 – 03:02
  • चर03:02 – 04:31
  • रोग04:31 – 06:00

होरा

दिन
  • शुक्र06:01–07:02
  • बुध07:02–08:03
  • चन्द्र08:03–09:03
  • शनि09:03–10:04
  • गुरु10:04–11:05
  • मंगल11:05–12:05
  • सूर्य12:05–13:06
  • शुक्र13:06–14:07
  • बुध14:07–15:08
  • चन्द्र15:08–16:08
  • शनि16:08–17:09
  • गुरु17:09–18:10
रात
  • मंगल18:10–19:09
  • सूर्य19:09–20:08
  • शुक्र20:08–21:07
  • बुध21:07–22:07
  • चन्द्र22:07–23:06
  • शनि23:06–00:05
  • गुरु00:05–01:04
  • मंगल01:04–02:03
  • सूर्य02:03–03:02
  • शुक्र03:02–04:02
  • बुध04:02–05:01
  • चन्द्र05:01–06:00

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद06:08 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद12:42 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद19:15 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद01:45, 22 मार्च तक
  • मूल 1 पद08:14, 22 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 9m
रात्रिमान
11h 50m
मध्याह्न
12:05

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 01:45, 22 मार्च तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 01:45, 22 मार्च तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 01:45, 22 मार्च तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 04:24, 22 मार्च तकपाताल
शिववास
श्मशान में · 04:24, 22 मार्च तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:01 –07:14
  • अग्नि पंचक07:14 –08:52
  • शुभ मुहूर्त08:52 –10:49
  • राज पंचक10:49 –13:03
  • शुभ मुहूर्त13:03 –15:21
  • चोर पंचक15:21 –17:35
  • शुभ मुहूर्त17:35 –19:48
  • रोग पंचक19:48 –22:04
  • शुभ मुहूर्त22:04 –00:21, 22 मार्च
  • मृत्यु पंचक00:21 –01:45, 22 मार्च
  • अग्नि पंचक01:45 –02:26, 22 मार्च
  • शुभ मुहूर्त02:26 –04:11, 22 मार्च
  • राज पंचक04:11 –04:24, 22 मार्च
  • शुभ मुहूर्त04:24 –05:42, 22 मार्च
  • चोर पंचक05:42 –06:00, 22 मार्च

उदय लग्न

  • मीन05:46 –07:14
  • मेष07:14 –08:52
  • वृषभ08:52 –10:49
  • मिथुन10:49 –13:03
  • कर्क13:03 –15:21
  • सिंह15:21 –17:35
  • कन्या17:35 –19:48
  • तुला19:48 –22:04
  • वृश्चिक22:04 –00:21, 22 मार्च
  • धनु00:21 –02:26, 22 मार्च
  • मकर02:26 –04:11, 22 मार्च
  • कुम्भ04:11 –05:42, 22 मार्च
  • मीन05:42 –07:10, 22 मार्च

पंचांग · वाराणसी, 21 मार्च 2025

शुक्रवार, 21 मार्च 2025 को वाराणसी में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 18:10 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 22 मार्च 04:24 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 22 मार्च 01:45 तक, फिर मूल; योग सिद्धि 18:41 तक, फिर व्यतीपात; करण विष्टि 15:39 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:34–12:05, अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 21 मार्च 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 22 मार्च 04:24 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:01, वाराणसी)।

21 मार्च 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 22 मार्च 01:45 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 मार्च 01:45 तक।

वाराणसी में 21 मार्च 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:34–12:05, यमगण्ड 15:08–16:39, गुलिक काल 07:32–09:03।

वाराणसी में 21 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 मार्च 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर मार्च 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2094° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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