पंचांग · मंगलवार, 12 नवंबर 2024वाराणसी

कार्तिक · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2081देवउठनी एकादशीप्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:13सूर्योदय17:11सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 16:05 तक
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
07:52 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1317:11
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:27 –15:49
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:13दिन17:11
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:11रात06:14
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    16:05 तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    13:01, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु
    07:52 तक
  2. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    05:40, 13 नव॰ तक
  3. रेवतीस्वामी बुध
    03:11, 14 नव॰ तक
योग
  1. हर्षण
    19:09 तक
  2. वज्र
    15:25, 13 नव॰ तक
करण
  1. विष्टि
    16:05 तक
  2. बव
    02:35, 13 नव॰ तक
  3. बालव
    13:01, 13 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:13
बिंब मध्य 06:17
सूर्यास्त
17:11
बिंब मध्य 17:07
चंद्रोदय
14:36
चंद्रास्त
02:05
दिनमान
10h 58m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मीन
03:11, 14 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:21
  • प्रातः संध्या04:55 –06:13
  • अभिजित मुहूर्त11:20 –12:04
  • विजय मुहूर्त13:32 –14:16
  • गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:37
  • सायाह्न संध्या17:11 –18:29
  • निशीथ मुहूर्त23:16 –00:09, 13 नव॰
  • अमृत काल01:18 –02:46, 13 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:27 –15:49
  • यमगंड08:58 –10:20
  • गुलिक काल11:42 –13:04
  • दुर्मुहूर्त08:25 –09:09
  • दुर्मुहूर्त22:24 –23:16
  • वर्ज्य16:35 –18:02
  • गंड मूल05:40 –06:14, 13 नव॰
  • भद्रा06:13 –16:05

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोग06:13 – 07:35
  • उद्वेग07:35 – 08:58
  • चर08:58 – 10:20
  • लाभ10:20 – 11:42
  • अमृत11:42 – 13:04
  • काल13:04 – 14:27
  • शुभ14:27 – 15:49
  • रोग15:49 – 17:11
रात
  • काल17:11 – 18:49
  • लाभ18:49 – 20:27
  • उद्वेग20:27 – 22:05
  • शुभ22:05 – 23:42
  • अमृत23:42 – 01:20
  • चर01:20 – 02:58
  • रोग02:58 – 04:36
  • काल04:36 – 06:14

होरा

दिन
  • मंगल06:13–07:08
  • सूर्य07:08–08:03
  • शुक्र08:03–08:58
  • बुध08:58–09:52
  • चन्द्र09:52–10:47
  • शनि10:47–11:42
  • गुरु11:42–12:37
  • मंगल12:37–13:32
  • सूर्य13:32–14:27
  • शुक्र14:27–15:21
  • बुध15:21–16:16
  • चन्द्र16:16–17:11
रात
  • शनि17:11–18:16
  • गुरु18:16–19:22
  • मंगल19:22–20:27
  • सूर्य20:27–21:32
  • शुक्र21:32–22:37
  • बुध22:37–23:42
  • चन्द्र23:42–00:48
  • शनि00:48–01:53
  • गुरु01:53–02:58
  • मंगल02:58–04:03
  • सूर्य04:03–05:09
  • शुक्र05:09–06:14

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वभाद्रपद 4 पद07:52 तक
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद13:21 तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद18:49 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद00:15, 13 नव॰ तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद05:40, 13 नव॰ तक
  • रेवती 1 पद11:04, 13 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 58m
रात्रिमान
13h 3m
मध्याह्न
11:42

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वभाद्रपद · 07:52 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
उत्तरभाद्रपद · 05:40, 13 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 16:05 तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:13 –06:35
  • अग्नि पंचक06:35 –07:52
  • शुभ मुहूर्त07:52 –08:52
  • राज पंचक08:52 –10:57
  • शुभ मुहूर्त10:57 –12:42
  • चोर पंचक12:42 –14:13
  • शुभ मुहूर्त14:13 –16:05
  • चोर पंचक16:05 –17:19
  • शुभ मुहूर्त17:19 –19:17
  • रोग पंचक19:17 –21:30
  • शुभ मुहूर्त21:30 –23:48
  • मृत्यु पंचक23:48 –02:02, 13 नव॰
  • अग्नि पंचक02:02 –04:15, 13 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:15 –05:40, 13 नव॰
  • राज पंचक05:40 –06:14, 13 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:19 –06:35
  • वृश्चिक06:35 –08:52
  • धनु08:52 –10:57
  • मकर10:57 –12:42
  • कुम्भ12:42 –14:13
  • मीन14:13 –15:41
  • मेष15:41 –17:19
  • वृषभ17:19 –19:17
  • मिथुन19:17 –21:30
  • कर्क21:30 –23:48
  • सिंह23:48 –02:02, 13 नव॰
  • कन्या02:02 –04:15, 13 नव॰
  • तुला04:15 –06:31, 13 नव॰

पंचांग · वाराणसी, 12 नवंबर 2024

मंगलवार, 12 नवंबर 2024 को वाराणसी में सूर्योदय 06:13 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 16:05 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पूर्वभाद्रपद 07:52 तक, फिर उत्तरभाद्रपद; योग हर्षण 19:09 तक, फिर वज्र; करण विष्टि 16:05 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:27–15:49, अभिजित मुहूर्त 11:20–12:04। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 12 नवंबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 16:05 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:13, वाराणसी)।

12 नवंबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वभाद्रपद 07:52 तक, फिर उत्तरभाद्रपद। चंद्रमा मीन राशि में 14 नवंबर 03:11 तक।

वाराणसी में 12 नवंबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:27–15:49, यमगण्ड 08:58–10:20, गुलिक काल 11:42–13:04।

वाराणसी में 12 नवंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 14:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 नवंबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:20–12:04, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 नवंबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

देवउठनी एकादशी, प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2044° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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