पंचांग · गुरुवार, 1 जून 2028उज्जैन

ज्येष्ठ · शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:41सूर्योदय19:09सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल नवमी
शुक्ल · 21:45 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
06:55 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4119:09
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:06 –15:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:41दिन19:09
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:09रात05:41
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल नवमी
    21:45 तक
  2. शुक्ल दशमी
    19:32, 2 जून तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    06:55 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    05:28, 2 जून तक
  3. हस्तस्वामी चन्द्र
    04:05, 3 जून तक
योग
  1. वज्र
    17:12 तक
  2. सिद्धि
    14:21, 2 जून तक
करण
  1. बालव
    10:52 तक
  2. कौलव
    21:45 तक
  3. तैतिल
    08:38, 2 जून तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:41
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
19:09
बिंब मध्य 19:04
चंद्रोदय
13:23
चंद्रास्त
00:56
दिनमान
13h 28m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
12:34 तक
सूर्य राशि
वृषभ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास
ज्येष्ठ
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:16 –04:59
  • प्रातः संध्या04:37 –05:41
  • अभिजित मुहूर्त11:58 –12:52
  • विजय मुहूर्त14:40 –15:33
  • गोधूलि मुहूर्त19:09 –19:30
  • सायाह्न संध्या19:09 –20:12
  • निशीथ मुहूर्त00:04 –00:46, 2 जून
  • अमृत काल22:43 –00:13, 2 जून
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:06 –15:47
  • यमगंड05:41 –07:22
  • गुलिक काल09:03 –10:44
  • दुर्मुहूर्त10:10 –11:04
  • दुर्मुहूर्त15:33 –16:27
  • वर्ज्य13:41 –15:11

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:41 – 07:22
  • रोग07:22 – 09:03
  • उद्वेग09:03 – 10:44
  • चर10:44 – 12:25
  • लाभ12:25 – 14:06
  • अमृत14:06 – 15:47
  • काल15:47 – 17:28
  • शुभ17:28 – 19:09
रात
  • अमृत19:09 – 20:28
  • चर20:28 – 21:47
  • रोग21:47 – 23:06
  • काल23:06 – 00:25
  • लाभ00:25 – 01:44
  • उद्वेग01:44 – 03:03
  • शुभ03:03 – 04:22
  • अमृत04:22 – 05:41

होरा

दिन
  • गुरु05:41–06:48
  • मंगल06:48–07:55
  • सूर्य07:55–09:03
  • शुक्र09:03–10:10
  • बुध10:10–11:17
  • चन्द्र11:17–12:25
  • शनि12:25–13:32
  • गुरु13:32–14:40
  • मंगल14:40–15:47
  • सूर्य15:47–16:54
  • शुक्र16:54–18:02
  • बुध18:02–19:09
रात
  • चन्द्र19:09–20:02
  • शनि20:02–20:54
  • गुरु20:54–21:47
  • मंगल21:47–22:40
  • सूर्य22:40–23:32
  • शुक्र23:32–00:25
  • बुध00:25–01:17
  • चन्द्र01:17–02:10
  • शनि02:10–03:03
  • गुरु03:03–03:55
  • मंगल03:55–04:48
  • सूर्य04:48–05:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद06:55 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद12:34 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद18:12 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद23:50 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद05:28, 2 जून तक
  • हस्त 1 पद11:07, 2 जून तक
सूर्य नक्षत्र
रोहिणी 3 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 28m
रात्रिमान
10h 32m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 12:34 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 06:55 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · 05:28, 2 जून तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
हस्त · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 12:34 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:45 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 21:45 तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:41 –06:39
  • मृत्यु पंचक06:39 –06:55
  • अग्नि पंचक06:55 –08:52
  • शुभ मुहूर्त08:52 –11:08
  • राज पंचक11:08 –13:20
  • शुभ मुहूर्त13:20 –15:31
  • चोर पंचक15:31 –17:45
  • शुभ मुहूर्त17:45 –20:01
  • रोग पंचक20:01 –21:45
  • शुभ मुहूर्त21:45 –22:07
  • मृत्यु पंचक22:07 –23:53
  • अग्नि पंचक23:53 –01:26, 2 जून
  • शुभ मुहूर्त01:26 –02:56, 2 जून
  • मृत्यु पंचक02:56 –04:37, 2 जून
  • अग्नि पंचक04:37 –05:28, 2 जून
  • शुभ मुहूर्त05:28 –05:41, 2 जून

उदय लग्न

  • वृषभ04:40 –06:39
  • मिथुन06:39 –08:52
  • कर्क08:52 –11:08
  • सिंह11:08 –13:20
  • कन्या13:20 –15:31
  • तुला15:31 –17:45
  • वृश्चिक17:45 –20:01
  • धनु20:01 –22:07
  • मकर22:07 –23:53
  • कुम्भ23:53 –01:26, 2 जून
  • मीन01:26 –02:56, 2 जून
  • मेष02:56 –04:37, 2 जून
  • वृषभ04:37 –06:35, 2 जून

पंचांग · उज्जैन, 1 जून 2028

गुरुवार, 1 जून 2028 को उज्जैन में सूर्योदय 05:41 और सूर्यास्त 19:09 पर है। तिथि शुक्ल नवमी 21:45 तक, फिर शुक्ल दशमी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 06:55 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वज्र 17:12 तक, फिर सिद्धि; करण बालव 10:52 तक, फिर कौलव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य वृषभ राशि में। राहुकाल 14:06–15:47, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:52। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उज्जैन में 1 जून 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल नवमी 21:45 तक, फिर शुक्ल दशमी (सूर्योदय 05:41, उज्जैन)।

1 जून 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 06:55 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 12:34 तक।

उज्जैन में 1 जून 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:06–15:47, यमगण्ड 05:41–07:22, गुलिक काल 09:03–10:44।

उज्जैन में 1 जून 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 19:09, चंद्रोदय 13:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 जून 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:58–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–04:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

उज्जैन हिन्दू कैलेंडर जून 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2540° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP