पंचांग · रविवार, 12 जुलाई 2026तिरुपति

ज्येष्ठ · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083रवि प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:52सूर्योदय18:44सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 22:30 तक
नक्षत्र
रोहिणी
08:29 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5218:44
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:08 –18:44
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:52दिन18:44
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:44रात05:52
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    22:30 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    18:50, 13 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    08:29 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:41, 13 जुल॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    02:51, 14 जुल॰ तक
योग
  1. वृद्धि
    20:05 तक
  2. ध्रुव
    16:00, 13 जुल॰ तक
करण
  1. गर
    12:19 तक
  2. वणिज
    22:30 तक
  3. विष्टि
    08:40, 13 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:52
बिंब मध्य 05:55
सूर्यास्त
18:44
बिंब मध्य 18:40
चंद्रोदय
03:13
चंद्रास्त
16:47
दिनमान
12h 52m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
वृषभ
19:06 तक
सूर्य राशि
मिथुन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:07
  • प्रातः संध्या04:45 –05:52
  • अभिजित मुहूर्त11:52 –12:44
  • विजय मुहूर्त14:27 –15:18
  • गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
  • सायाह्न संध्या18:44 –19:51
  • निशीथ मुहूर्त23:56 –00:40, 13 जुल॰
  • अमृत काल05:37 –07:03
  • अमृत काल21:55 –23:19
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:08 –18:44
  • यमगंड12:18 –13:54
  • गुलिक काल15:31 –17:08
  • दुर्मुहूर्त17:01 –17:53
  • वर्ज्य13:26 –14:50
  • भद्रा22:30 –05:52, 13 जुल॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग05:52 – 07:28
  • चर07:28 – 09:05
  • लाभ09:05 – 10:41
  • अमृत10:41 – 12:18
  • काल12:18 – 13:54
  • शुभ13:54 – 15:31
  • रोग15:31 – 17:08
  • उद्वेग17:08 – 18:44
रात
  • शुभ18:44 – 20:08
  • अमृत20:08 – 21:31
  • चर21:31 – 22:55
  • रोग22:55 – 00:18
  • काल00:18 – 01:42
  • लाभ01:42 – 03:05
  • उद्वेग03:05 – 04:29
  • शुभ04:29 – 05:52

होरा

दिन
  • सूर्य05:52–06:56
  • शुक्र06:56–08:00
  • बुध08:00–09:05
  • चन्द्र09:05–10:09
  • शनि10:09–11:14
  • गुरु11:14–12:18
  • मंगल12:18–13:22
  • सूर्य13:22–14:27
  • शुक्र14:27–15:31
  • बुध15:31–16:35
  • चन्द्र16:35–17:40
  • शनि17:40–18:44
रात
  • गुरु18:44–19:40
  • मंगल19:40–20:35
  • सूर्य20:35–21:31
  • शुक्र21:31–22:27
  • बुध22:27–23:22
  • चन्द्र23:22–00:18
  • शनि00:18–01:14
  • गुरु01:14–02:09
  • मंगल02:09–03:05
  • सूर्य03:05–04:01
  • शुक्र04:01–04:56
  • बुध04:56–05:52

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद08:29 तक
  • मृगशिरा 1 पद13:48 तक
  • मृगशिरा 2 पद19:06 तक
  • मृगशिरा 3 पद00:24, 13 जुल॰ तक
  • मृगशिरा 4 पद05:41, 13 जुल॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद10:58, 13 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु 2 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 52m
रात्रिमान
11h 8m
मध्याह्न
12:18

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 19:06 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 08:29 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:41, 13 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
दक्षिण · 19:06 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 22:30 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 22:30 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:52 –06:15
  • मृत्यु पंचक06:15 –08:25
  • अग्नि पंचक08:25 –08:29
  • शुभ मुहूर्त08:29 –10:28
  • राज पंचक10:28 –12:30
  • शुभ मुहूर्त12:30 –14:37
  • चोर पंचक14:37 –16:49
  • शुभ मुहूर्त16:49 –18:56
  • रोग पंचक18:56 –20:49
  • शुभ मुहूर्त20:49 –22:30
  • मृत्यु पंचक22:30 –22:30
  • अग्नि पंचक22:30 –00:10, 13 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त00:10 –01:57, 13 जुल॰
  • मृत्यु पंचक01:57 –03:59, 13 जुल॰
  • अग्नि पंचक03:59 –05:41, 13 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त05:41 –05:52, 13 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन04:03 –06:15
  • कर्क06:15 –08:25
  • सिंह08:25 –10:28
  • कन्या10:28 –12:30
  • तुला12:30 –14:37
  • वृश्चिक14:37 –16:49
  • धनु16:49 –18:56
  • मकर18:56 –20:49
  • कुम्भ20:49 –22:30
  • मीन22:30 –00:10, 13 जुल॰
  • मेष00:10 –01:57, 13 जुल॰
  • वृषभ01:57 –03:59, 13 जुल॰
  • मिथुन03:59 –06:11, 13 जुल॰

पंचांग · तिरुपति, 12 जुलाई 2026

रविवार, 12 जुलाई 2026 को तिरुपति में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 22:30 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र रोहिणी 08:29 तक, फिर मृगशिरा; योग वृद्धि 20:05 तक, फिर ध्रुव; करण गर 12:19 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 17:08–18:44, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:44। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

तिरुपति में 12 जुलाई 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 22:30 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:52, तिरुपति)।

12 जुलाई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 08:29 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 19:06 तक।

तिरुपति में 12 जुलाई 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:08–18:44, यमगण्ड 12:18–13:54, गुलिक काल 15:31–17:08।

तिरुपति में 12 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 03:13 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 जुलाई 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:52–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 जुलाई 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

रवि प्रदोष।

तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2276° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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