पंचांग · शनिवार, 4 अक्टूबर 2025श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
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पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी17:09 तक
- शुक्ल त्रयोदशी15:04, 5 अक्टू॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल09:09 तक
- शतभिषास्वामी राहु08:01, 5 अक्टू॰ तक
- शूल19:26 तक
- गण्ड16:34, 5 अक्टू॰ तक
- बालव17:09 तक
- कौलव04:12, 5 अक्टू॰ तक
- तैतिल15:04, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:27बिंब मध्य 06:31
- सूर्यास्त
- 18:11बिंब मध्य 18:07
- चंद्रोदय
- 16:36
- चंद्रास्त
- 03:00
- दिनमान
- 11h 44m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कुम्भ00:45, 6 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:38
- प्रातः संध्या05:14 –06:27
- अभिजित मुहूर्त11:56 –12:43
- विजय मुहूर्त14:17 –15:03
- गोधूलि मुहूर्त18:11 –18:36
- सायाह्न संध्या18:11 –19:25
- निशीथ मुहूर्त23:55 –00:44, 5 अक्टू॰
- अमृत काल01:09 –02:41, 5 अक्टू॰
- राहु काल09:23 –10:51
- यमगंड13:47 –15:15
- गुलिक काल06:27 –07:55
- दुर्मुहूर्त06:27 –07:14
- दुर्मुहूर्त07:14 –08:01
- वर्ज्य16:01 –17:32
चौघड़िया
- काल06:27 – 07:55
- शुभ07:55 – 09:23
- रोग09:23 – 10:51
- उद्वेग10:51 – 12:19
- चर12:19 – 13:47
- लाभ13:47 – 15:15
- अमृत15:15 – 16:43
- काल16:43 – 18:11
- लाभ18:11 – 19:43
- उद्वेग19:43 – 21:15
- शुभ21:15 – 22:48
- अमृत22:48 – 00:20
- चर00:20 – 01:52
- रोग01:52 – 03:24
- काल03:24 – 04:56
- लाभ04:56 – 06:28
होरा
- शनि06:27–07:26
- गुरु07:26–08:25
- मंगल08:25–09:23
- सूर्य09:23–10:22
- शुक्र10:22–11:21
- बुध11:21–12:19
- चन्द्र12:19–13:18
- शनि13:18–14:17
- गुरु14:17–15:15
- मंगल15:15–16:14
- सूर्य16:14–17:12
- शुक्र17:12–18:11
- बुध18:11–19:13
- चन्द्र19:13–20:14
- शनि20:14–21:15
- गुरु21:15–22:17
- मंगल22:17–23:18
- सूर्य23:18–00:20
- शुक्र00:20–01:21
- बुध01:21–02:22
- चन्द्र02:22–03:24
- शनि03:24–04:25
- गुरु04:25–05:27
- मंगल05:27–06:28
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 4 पद09:09 तक
- शतभिषा 1 पद14:56 तक
- शतभिषा 2 पद20:40 तक
- शतभिषा 3 पद02:22, 5 अक्टू॰ तक
- शतभिषा 4 पद08:01, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 44m
- रात्रिमान
- 12h 17m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:09 तकआकाश
- शिववास
- कैलाश पर · 17:09 तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:27 –07:34
- राज पंचक07:34 –09:09
- शुभ मुहूर्त09:09 –09:59
- चोर पंचक09:59 –12:20
- शुभ मुहूर्त12:20 –14:23
- रोग पंचक14:23 –16:00
- शुभ मुहूर्त16:00 –17:09
- मृत्यु पंचक17:09 –17:22
- अग्नि पंचक17:22 –18:40
- शुभ मुहूर्त18:40 –20:10
- मृत्यु पंचक20:10 –22:03
- अग्नि पंचक22:03 –00:19, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:19 –02:44, 5 अक्टू॰
- राज पंचक02:44 –05:07, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:07 –06:28, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:11 –07:34
- तुला07:34 –09:59
- वृश्चिक09:59 –12:20
- धनु12:20 –14:23
- मकर14:23 –16:00
- कुम्भ16:00 –17:22
- मीन17:22 –18:40
- मेष18:40 –20:10
- वृषभ20:10 –22:03
- मिथुन22:03 –00:19, 5 अक्टू॰
- कर्क00:19 –02:44, 5 अक्टू॰
- सिंह02:44 –05:07, 5 अक्टू॰
- कन्या05:07 –07:30, 5 अक्टू॰
पंचांग · श्रीनगर, 4 अक्टूबर 2025
शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:27 और सूर्यास्त 18:11 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 17:09 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र धनिष्ठा 09:09 तक, फिर शतभिषा; योग शूल 19:26 तक, फिर गण्ड; करण बालव 17:09 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:23–10:51, अभिजित मुहूर्त 11:56–12:43। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 4 अक्टूबर 2025 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 17:09 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 06:27, श्रीनगर)।
4 अक्टूबर 2025 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 09:09 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा कुम्भ राशि में 6 अक्टूबर 00:45 तक।
श्रीनगर में 4 अक्टूबर 2025 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:23–10:51, यमगण्ड 13:47–15:15, गुलिक काल 06:27–07:55।
श्रीनगर में 4 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 18:11, चंद्रोदय 16:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:56–12:43, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शनि प्रदोष।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2169° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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