पंचांग · सोमवार, 2 नवंबर 2026सिंगापुर

आश्विन · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:46सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 15:41 तक
नक्षत्र
पुष्य
07:00 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4618:50
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:17 –09:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:46दिन18:50
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात06:46
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    15:41 तक
  2. कृष्ण नवमी
    14:25, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पुष्यस्वामी शनि
    07:00 तक
  2. अश्लेषास्वामी बुध
    06:16, 3 नव॰ तक
  3. मघास्वामी केतु
    05:56, 4 नव॰ तक
योग
  1. शुभ
    14:36 तक
  2. शुक्ल
    12:23, 3 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    15:41 तक
  2. तैतिल
    02:59, 3 नव॰ तक
  3. गर
    14:25, 3 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:46
बिंब मध्य 06:49
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:46
चंद्रोदय
01:00
चंद्रास्त
13:29
दिनमान
12h 4m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कर्क
06:16, 3 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:11 –05:59
  • प्रातः संध्या05:35 –06:46
  • अभिजित मुहूर्त12:24 –13:12
  • विजय मुहूर्त14:49 –15:37
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:14
  • सायाह्न संध्या18:50 –20:02
  • निशीथ मुहूर्त00:24 –01:12, 3 नव॰
  • अमृत काल04:43 –06:16, 3 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:17 –09:47
  • यमगंड11:18 –12:48
  • गुलिक काल14:19 –15:49
  • दुर्मुहूर्त13:12 –14:01
  • दुर्मुहूर्त15:37 –16:26
  • वर्ज्य19:25 –20:58
  • गंड मूल07:00 –06:16, 3 नव॰
  • गंड मूल06:16 –06:46, 3 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत06:46 – 08:17
  • काल08:17 – 09:47
  • शुभ09:47 – 11:18
  • रोग11:18 – 12:48
  • उद्वेग12:48 – 14:19
  • चर14:19 – 15:49
  • लाभ15:49 – 17:20
  • अमृत17:20 – 18:50
रात
  • चर18:50 – 20:20
  • रोग20:20 – 21:49
  • काल21:49 – 23:19
  • लाभ23:19 – 00:48
  • उद्वेग00:48 – 02:18
  • शुभ02:18 – 03:47
  • अमृत03:47 – 05:17
  • चर05:17 – 06:46

होरा

दिन
  • चन्द्र06:46–07:47
  • शनि07:47–08:47
  • गुरु08:47–09:47
  • मंगल09:47–10:48
  • सूर्य10:48–11:48
  • शुक्र11:48–12:48
  • बुध12:48–13:49
  • चन्द्र13:49–14:49
  • शनि14:49–15:49
  • गुरु15:49–16:50
  • मंगल16:50–17:50
  • सूर्य17:50–18:50
रात
  • शुक्र18:50–19:50
  • बुध19:50–20:50
  • चन्द्र20:50–21:49
  • शनि21:49–22:49
  • गुरु22:49–23:49
  • मंगल23:49–00:48
  • सूर्य00:48–01:48
  • शुक्र01:48–02:48
  • बुध02:48–03:47
  • चन्द्र03:47–04:47
  • शनि04:47–05:47
  • गुरु05:47–06:46

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुष्य 4 पद07:00 तक
  • अश्लेषा 1 पद12:47 तक
  • अश्लेषा 2 पद18:35 तक
  • अश्लेषा 3 पद00:25, 3 नव॰ तक
  • अश्लेषा 4 पद06:16, 3 नव॰ तक
  • मघा 1 पद12:09, 3 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 4m
रात्रिमान
11h 56m
मध्याह्न
12:48

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 06:16, 3 नव॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुष्य · 07:00 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
अश्लेषा · 06:16, 3 नव॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 06:16, 3 नव॰ तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 15:41 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 15:41 तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:46 –07:00
  • शुभ मुहूर्त07:00 –07:48
  • चोर पंचक07:48 –09:56
  • शुभ मुहूर्त09:56 –12:05
  • रोग पंचक12:05 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –15:41
  • मृत्यु पंचक15:41 –15:57
  • अग्नि पंचक15:57 –17:46
  • शुभ मुहूर्त17:46 –19:43
  • मृत्यु पंचक19:43 –21:49
  • अग्नि पंचक21:49 –23:59
  • शुभ मुहूर्त23:59 –02:01, 3 नव॰
  • राज पंचक02:01 –03:54, 3 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:54 –05:46, 3 नव॰
  • चोर पंचक05:46 –06:16, 3 नव॰
  • शुभ मुहूर्त06:16 –06:46, 3 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:50 –07:48
  • वृश्चिक07:48 –09:56
  • धनु09:56 –12:05
  • मकर12:05 –14:06
  • कुम्भ14:06 –15:57
  • मीन15:57 –17:46
  • मेष17:46 –19:43
  • वृषभ19:43 –21:49
  • मिथुन21:49 –23:59
  • कर्क23:59 –02:01, 3 नव॰
  • सिंह02:01 –03:54, 3 नव॰
  • कन्या03:54 –05:46, 3 नव॰
  • तुला05:46 –07:44, 3 नव॰

पंचांग · सिंगापुर, 2 नवंबर 2026

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:46 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 15:41 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुष्य 07:00 तक, फिर अश्लेषा; योग शुभ 14:36 तक, फिर शुक्ल; करण कौलव 15:41 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:17–09:47, अभिजित मुहूर्त 12:24–13:12। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 2 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 15:41 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:46, सिंगापुर)।

2 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पुष्य 07:00 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 3 नवंबर 06:16 तक।

सिंगापुर में 2 नवंबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:17–09:47, यमगण्ड 11:18–12:48, गुलिक काल 14:19–15:49।

सिंगापुर में 2 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 01:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 नवंबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:24–13:12, ब्रह्म मुहूर्त 05:11–05:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2320° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP