पंचांग · शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026सिंगापुर

भाद्रपद · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:51सूर्योदय18:57सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 12:45 तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:57 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5118:57
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:23 –12:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:51दिन18:57
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
भद्रा
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:57रात06:51
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    12:45 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    10:30, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:57 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:25, 3 अक्टू॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:59, 4 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    20:47 तक
  2. वरीयान्
    17:51, 3 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    12:45 तक
  2. विष्टि
    23:37 तक
  3. बव
    10:30, 3 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:51
बिंब मध्य 06:54
सूर्यास्त
18:57
बिंब मध्य 18:53
चंद्रोदय
—
चंद्रास्त
11:40
दिनमान
12h 6m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृषभ
18:10 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:16 –06:04
  • प्रातः संध्या05:40 –06:51
  • अभिजित मुहूर्त12:30 –13:18
  • विजय मुहूर्त14:55 –15:44
  • गोधूलि मुहूर्त18:57 –19:21
  • सायाह्न संध्या18:57 –20:08
  • निशीथ मुहूर्त00:30 –01:18, 3 अक्टू॰
  • अमृत काल21:10 –22:40
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:23 –12:54
  • यमगंड15:56 –17:26
  • गुलिक काल08:22 –09:53
  • दुर्मुहूर्त09:16 –10:05
  • दुर्मुहूर्त13:18 –14:07
  • वर्ज्य12:11 –13:41
  • भद्रा12:45 –23:37

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:51 – 08:22
  • लाभ08:22 – 09:53
  • अमृत09:53 – 11:23
  • काल11:23 – 12:54
  • शुभ12:54 – 14:25
  • रोग14:25 – 15:56
  • उद्वेग15:56 – 17:26
  • चर17:26 – 18:57
रात
  • रोग18:57 – 20:26
  • काल20:26 – 21:56
  • लाभ21:56 – 23:25
  • उद्वेग23:25 – 00:54
  • शुभ00:54 – 02:23
  • अमृत02:23 – 03:52
  • चर03:52 – 05:22
  • रोग05:22 – 06:51

होरा

दिन
  • शुक्र06:51–07:52
  • बुध07:52–08:52
  • चन्द्र08:52–09:53
  • शनि09:53–10:53
  • गुरु10:53–11:54
  • मंगल11:54–12:54
  • सूर्य12:54–13:55
  • शुक्र13:55–14:55
  • बुध14:55–15:56
  • चन्द्र15:56–16:56
  • शनि16:56–17:57
  • गुरु17:57–18:57
रात
  • मंगल18:57–19:57
  • सूर्य19:57–20:56
  • शुक्र20:56–21:56
  • बुध21:56–22:55
  • चन्द्र22:55–23:55
  • शनि23:55–00:54
  • गुरु00:54–01:53
  • मंगल01:53–02:53
  • सूर्य02:53–03:52
  • शुक्र03:52–04:52
  • बुध04:52–05:51
  • चन्द्र05:51–06:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:57 तक
  • मृगशिरा 1 पद12:33 तक
  • मृगशिरा 2 पद18:10 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:47 तक
  • मृगशिरा 4 पद05:25, 3 अक्टू॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद11:02, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 6m
रात्रिमान
11h 54m
मध्याह्न
12:54

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 18:10 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:57 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:25, 3 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण · 18:10 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:45 तकआकाश
शिववास
भोजन में · 12:45 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:51 –06:57
  • अग्नि पंचक06:57 –07:52
  • शुभ मुहूर्त07:52 –09:50
  • राज पंचक09:50 –11:58
  • शुभ मुहूर्त11:58 –12:45
  • चोर पंचक12:45 –14:07
  • शुभ मुहूर्त14:07 –16:07
  • रोग पंचक16:07 –17:59
  • शुभ मुहूर्त17:59 –21:45
  • रोग पंचक21:45 –23:51
  • शुभ मुहूर्त23:51 –02:01, 3 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक02:01 –04:03, 3 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक04:03 –05:25, 3 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:25 –05:56, 3 अक्टू॰
  • राज पंचक05:56 –06:51, 3 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या06:00 –07:52
  • तुला07:52 –09:50
  • वृश्चिक09:50 –11:58
  • धनु11:58 –14:07
  • मकर14:07 –16:07
  • कुम्भ16:07 –17:59
  • मीन17:59 –19:48
  • मेष19:48 –21:45
  • वृषभ21:45 –23:51
  • मिथुन23:51 –02:01, 3 अक्टू॰
  • कर्क02:01 –04:03, 3 अक्टू॰
  • सिंह04:03 –05:56, 3 अक्टू॰
  • कन्या05:56 –07:48, 3 अक्टू॰

पंचांग · सिंगापुर, 2 अक्टूबर 2026

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:51 और सूर्यास्त 18:57 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 12:45 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 06:57 तक, फिर मृगशिरा; योग व्यतीपात 20:47 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 12:45 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 11:23–12:54, अभिजित मुहूर्त 12:30–13:18। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 2 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 12:45 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:51, सिंगापुर)।

2 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:57 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:10 तक।

सिंगापुर में 2 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:23–12:54, यमगण्ड 15:56–17:26, गुलिक काल 08:22–09:53।

सिंगापुर में 2 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 18:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:30–13:18, ब्रह्म मुहूर्त 05:16–06:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2308° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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