पंचांग · गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026शिमला

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:19सूर्योदय17:58सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 22:16 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
21:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1917:58
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:36 –15:03
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:19दिन17:58
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:58रात06:20
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    22:16 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    21:20 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुक्ल
    00:58, 9 अक्टू॰ तक
  2. ब्रह्मा
    23:20, 9 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    10:44 तक
  2. वणिज
    22:16 तक
  3. विष्टि
    09:53, 9 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:19
बिंब मध्य 06:23
सूर्यास्त
17:58
बिंब मध्य 17:54
चंद्रोदय
03:48
चंद्रास्त
16:34
दिनमान
11h 39m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:41 –05:30
  • प्रातः संध्या05:05 –06:19
  • अभिजित मुहूर्त11:45 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:05 –14:52
  • गोधूलि मुहूर्त17:58 –18:23
  • सायाह्न संध्या17:58 –19:12
  • निशीथ मुहूर्त23:44 –00:34, 9 अक्टू॰
  • अमृत काल15:01 –16:36
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:36 –15:03
  • यमगंड06:19 –07:47
  • गुलिक काल09:14 –10:41
  • दुर्मुहूर्त10:12 –10:59
  • दुर्मुहूर्त14:52 –15:38
  • वर्ज्य05:33 –07:08
  • वर्ज्य04:32 –06:08, 9 अक्टू॰
  • भद्रा22:16 –06:20, 9 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:19 – 07:47
  • रोग07:47 – 09:14
  • उद्वेग09:14 – 10:41
  • चर10:41 – 12:09
  • लाभ12:09 – 13:36
  • अमृत13:36 – 15:03
  • काल15:03 – 16:31
  • शुभ16:31 – 17:58
रात
  • अमृत17:58 – 19:31
  • चर19:31 – 21:04
  • रोग21:04 – 22:36
  • काल22:36 – 00:09
  • लाभ00:09 – 01:42
  • उद्वेग01:42 – 03:14
  • शुभ03:14 – 04:47
  • अमृत04:47 – 06:20

होरा

दिन
  • गुरु06:19–07:17
  • मंगल07:17–08:16
  • सूर्य08:16–09:14
  • शुक्र09:14–10:12
  • बुध10:12–11:10
  • चन्द्र11:10–12:09
  • शनि12:09–13:07
  • गुरु13:07–14:05
  • मंगल14:05–15:03
  • सूर्य15:03–16:02
  • शुक्र16:02–17:00
  • बुध17:00–17:58
रात
  • चन्द्र17:58–19:00
  • शनि19:00–20:02
  • गुरु20:02–21:04
  • मंगल21:04–22:05
  • सूर्य22:05–23:07
  • शुक्र23:07–00:09
  • बुध00:09–01:11
  • चन्द्र01:11–02:13
  • शनि02:13–03:14
  • गुरु03:14–04:16
  • मंगल04:16–05:18
  • सूर्य05:18–06:20

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद09:28 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद15:23 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद21:20 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद03:18, 9 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद09:17, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 39m
रात्रिमान
12h 22m
मध्याह्न
12:09

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 03:18, 9 अक्टू॰ तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 21:20 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 03:18, 9 अक्टू॰ तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 22:16 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 22:16 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:19 –07:07
  • चोर पंचक07:07 –09:29
  • शुभ मुहूर्त09:29 –11:48
  • रोग पंचक11:48 –13:52
  • शुभ मुहूर्त13:52 –15:32
  • मृत्यु पंचक15:32 –16:57
  • अग्नि पंचक16:57 –18:19
  • शुभ मुहूर्त18:19 –19:52
  • मृत्यु पंचक19:52 –21:20
  • अग्नि पंचक21:20 –21:46
  • शुभ मुहूर्त21:46 –22:16
  • राज पंचक22:16 –00:01, 9 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:01 –02:24, 9 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:24 –04:44, 9 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:44 –06:20, 9 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:48 –07:07
  • तुला07:07 –09:29
  • वृश्चिक09:29 –11:48
  • धनु11:48 –13:52
  • मकर13:52 –15:32
  • कुम्भ15:32 –16:57
  • मीन16:57 –18:19
  • मेष18:19 –19:52
  • वृषभ19:52 –21:46
  • मिथुन21:46 –00:01, 9 अक्टू॰
  • कर्क00:01 –02:24, 9 अक्टू॰
  • सिंह02:24 –04:44, 9 अक्टू॰
  • कन्या04:44 –07:03, 9 अक्टू॰

पंचांग · शिमला, 8 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को शिमला में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 17:58 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुक्ल 9 अक्टूबर 00:58 तक, फिर ब्रह्मा; करण गर 10:44 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:36–15:03, अभिजित मुहूर्त 11:45–12:32। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

शिमला में 8 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:19, शिमला)।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 21:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 9 अक्टूबर 03:18 तक।

शिमला में 8 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:36–15:03, यमगण्ड 06:19–07:47, गुलिक काल 09:14–10:41।

शिमला में 8 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:58, चंद्रोदय 03:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

8 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:45–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:41–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

8 अक्टूबर 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

शिमला हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2310° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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