पंचांग · रविवार, 2 मार्च 2025शिमला

फाल्गुन · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:47सूर्योदय18:20सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 21:02 तक
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
08:59 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4718:20
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:54 –18:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:47दिन18:20
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:20रात06:46
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    21:02 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    18:02, 3 मार्च तक
नक्षत्र
  1. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    08:59 तक
  2. रेवतीस्वामी बुध
    06:39, 3 मार्च तक
  3. अश्विनीस्वामी केतु
    04:29, 4 मार्च तक
योग
  1. शुभ
    12:39 तक
  2. शुक्ल
    08:57, 3 मार्च तक
करण
  1. तैतिल
    10:35 तक
  2. गर
    21:02 तक
  3. वणिज
    07:31, 3 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:47
बिंब मध्य 06:50
सूर्यास्त
18:20
बिंब मध्य 18:16
चंद्रोदय
08:04
चंद्रास्त
21:04
दिनमान
11h 33m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मीन
06:39, 3 मार्च तक
सूर्य राशि
कुम्भ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:07 –05:57
  • प्रातः संध्या05:32 –06:47
  • अभिजित मुहूर्त12:11 –12:57
  • विजय मुहूर्त14:29 –15:15
  • गोधूलि मुहूर्त18:20 –18:45
  • सायाह्न संध्या18:20 –19:35
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:58, 3 मार्च
  • अमृत काल04:29 –05:55, 3 मार्च
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:54 –18:20
  • यमगंड12:34 –14:00
  • गुलिक काल15:27 –16:54
  • दुर्मुहूर्त16:48 –17:34
  • वर्ज्य19:49 –21:15
  • गंड मूल08:59 –06:39, 3 मार्च
  • गंड मूल06:39 –06:46, 3 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग06:47 – 08:14
  • चर08:14 – 09:40
  • लाभ09:40 – 11:07
  • अमृत11:07 – 12:34
  • काल12:34 – 14:00
  • शुभ14:00 – 15:27
  • रोग15:27 – 16:54
  • उद्वेग16:54 – 18:20
रात
  • शुभ18:20 – 19:54
  • अमृत19:54 – 21:27
  • चर21:27 – 23:00
  • रोग23:00 – 00:33
  • काल00:33 – 02:06
  • लाभ02:06 – 03:39
  • उद्वेग03:39 – 05:13
  • शुभ05:13 – 06:46

होरा

दिन
  • सूर्य06:47–07:45
  • शुक्र07:45–08:42
  • बुध08:42–09:40
  • चन्द्र09:40–10:38
  • शनि10:38–11:36
  • गुरु11:36–12:34
  • मंगल12:34–13:31
  • सूर्य13:31–14:29
  • शुक्र14:29–15:27
  • बुध15:27–16:25
  • चन्द्र16:25–17:23
  • शनि17:23–18:20
रात
  • गुरु18:20–19:22
  • मंगल19:22–20:25
  • सूर्य20:25–21:27
  • शुक्र21:27–22:29
  • बुध22:29–23:31
  • चन्द्र23:31–00:33
  • शनि00:33–01:35
  • गुरु01:35–02:37
  • मंगल02:37–03:39
  • सूर्य03:39–04:42
  • शुक्र04:42–05:44
  • बुध05:44–06:46

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद08:59 तक
  • रेवती 1 पद14:23 तक
  • रेवती 2 पद19:48 तक
  • रेवती 3 पद01:13, 3 मार्च तक
  • रेवती 4 पद06:39, 3 मार्च तक
  • अश्विनी 1 पद12:05, 3 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 33m
रात्रिमान
12h 26m
मध्याह्न
12:34

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 06:39, 3 मार्च तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तरभाद्रपद · 08:59 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · 06:39, 3 मार्च तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 06:39, 3 मार्च तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 21:02 तकपाताल
शिववास
सभा में · 21:02 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:47 –07:25
  • चोर पंचक07:25 –08:47
  • राज पंचक08:47 –08:59
  • शुभ मुहूर्त08:59 –10:20
  • चोर पंचक10:20 –12:14
  • शुभ मुहूर्त12:14 –14:29
  • रोग पंचक14:29 –16:52
  • शुभ मुहूर्त16:52 –19:12
  • मृत्यु पंचक19:12 –21:02
  • अग्नि पंचक21:02 –21:31
  • शुभ मुहूर्त21:31 –23:52
  • राज पंचक23:52 –02:12, 3 मार्च
  • शुभ मुहूर्त02:12 –04:16, 3 मार्च
  • चोर पंचक04:16 –05:56, 3 मार्च
  • शुभ मुहूर्त05:56 –06:39, 3 मार्च
  • रोग पंचक06:39 –06:46, 3 मार्च

उदय लग्न

  • कुम्भ06:00 –07:25
  • मीन07:25 –08:47
  • मेष08:47 –10:20
  • वृषभ10:20 –12:14
  • मिथुन12:14 –14:29
  • कर्क14:29 –16:52
  • सिंह16:52 –19:12
  • कन्या19:12 –21:31
  • तुला21:31 –23:52
  • वृश्चिक23:52 –02:12, 3 मार्च
  • धनु02:12 –04:16, 3 मार्च
  • मकर04:16 –05:56, 3 मार्च
  • कुम्भ05:56 –07:21, 3 मार्च

पंचांग · शिमला, 2 मार्च 2025

रविवार, 2 मार्च 2025 को शिमला में सूर्योदय 06:47 और सूर्यास्त 18:20 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 21:02 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 08:59 तक, फिर रेवती; योग शुभ 12:39 तक, फिर शुक्ल; करण तैतिल 10:35 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 16:54–18:20, अभिजित मुहूर्त 12:11–12:57। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

शिमला में 2 मार्च 2025 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 21:02 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:47, शिमला)।

2 मार्च 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरभाद्रपद 08:59 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 3 मार्च 06:39 तक।

शिमला में 2 मार्च 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:54–18:20, यमगण्ड 12:34–14:00, गुलिक काल 15:27–16:54।

शिमला में 2 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:20, चंद्रोदय 08:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 मार्च 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:11–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 05:07–05:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

शिमला हिन्दू कैलेंडर मार्च 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2086° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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