पंचांग · गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026सैन फ्रांसिस्को

भाद्रपद · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:05सूर्योदय18:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 21:45 तक
नक्षत्र
रोहिणी
15:57 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:0518:52
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:27 –15:56
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:05दिन18:52
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:52रात07:06
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    21:45 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    19:30, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    15:57 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    14:25, 2 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    08:47 तक
  2. व्यतीपात
    05:47, 2 अक्टू॰ तक
  3. वरीयान्
    02:51, 3 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    10:55 तक
  2. वणिज
    21:45 तक
  3. विष्टि
    08:37, 2 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:05
बिंब मध्य 07:09
सूर्यास्त
18:52
बिंब मध्य 18:48
चंद्रोदय
22:10
चंद्रास्त
12:58
दिनमान
11h 47m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
03:10, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:28 –06:17
  • प्रातः संध्या05:52 –07:05
  • अभिजित मुहूर्त12:35 –13:22
  • विजय मुहूर्त14:57 –15:44
  • गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:17
  • सायाह्न संध्या18:52 –20:06
  • निशीथ मुहूर्त00:35 –01:24, 2 अक्टू॰
  • अमृत काल12:57 –14:27
  • अमृत काल06:10 –07:40, 2 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:27 –15:56
  • यमगंड07:05 –08:34
  • गुलिक काल10:02 –11:31
  • दुर्मुहूर्त11:01 –11:48
  • दुर्मुहूर्त15:44 –16:31
  • वर्ज्य08:29 –09:58
  • वर्ज्य21:11 –22:41
  • भद्रा21:45 –07:06, 2 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ07:05 – 08:34
  • रोग08:34 – 10:02
  • उद्वेग10:02 – 11:31
  • चर11:31 – 12:59
  • लाभ12:59 – 14:27
  • अमृत14:27 – 15:56
  • काल15:56 – 17:24
  • शुभ17:24 – 18:52
रात
  • अमृत18:52 – 20:24
  • चर20:24 – 21:56
  • रोग21:56 – 23:28
  • काल23:28 – 00:59
  • लाभ00:59 – 02:31
  • उद्वेग02:31 – 04:03
  • शुभ04:03 – 05:35
  • अमृत05:35 – 07:06

होरा

दिन
  • गुरु07:05–08:04
  • मंगल08:04–09:03
  • सूर्य09:03–10:02
  • शुक्र10:02–11:01
  • बुध11:01–12:00
  • चन्द्र12:00–12:59
  • शनि12:59–13:58
  • गुरु13:58–14:57
  • मंगल14:57–15:56
  • सूर्य15:56–16:55
  • शुक्र16:55–17:54
  • बुध17:54–18:52
रात
  • चन्द्र18:52–19:54
  • शनि19:54–20:55
  • गुरु20:55–21:56
  • मंगल21:56–22:57
  • सूर्य22:57–23:58
  • शुक्र23:58–00:59
  • बुध00:59–02:01
  • चन्द्र02:01–03:02
  • शनि03:02–04:03
  • गुरु04:03–05:04
  • मंगल05:04–06:05
  • सूर्य06:05–07:06

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 3 पद10:20 तक
  • रोहिणी 4 पद15:57 तक
  • मृगशिरा 1 पद21:33 तक
  • मृगशिरा 2 पद03:10, 2 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 3 पद08:47, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 47m
रात्रिमान
12h 14m
मध्याह्न
12:59

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 03:10, 2 अक्टू॰ तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 15:57 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 03:10, 2 अक्टू॰ तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:45 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 21:45 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त07:05 –08:27
  • मृत्यु पंचक08:27 –10:56
  • अग्नि पंचक10:56 –13:20
  • शुभ मुहूर्त13:20 –15:21
  • राज पंचक15:21 –15:57
  • शुभ मुहूर्त15:57 –16:55
  • चोर पंचक16:55 –18:12
  • शुभ मुहूर्त18:12 –20:52
  • चोर पंचक20:52 –21:45
  • शुभ मुहूर्त21:45 –22:42
  • रोग पंचक22:42 –00:59, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:59 –03:28, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:28 –05:56, 2 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक05:56 –07:06, 2 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या06:00 –08:27
  • तुला08:27 –10:56
  • वृश्चिक10:56 –13:20
  • धनु13:20 –15:21
  • मकर15:21 –16:55
  • कुम्भ16:55 –18:12
  • मीन18:12 –19:26
  • मेष19:26 –20:52
  • वृषभ20:52 –22:42
  • मिथुन22:42 –00:59, 2 अक्टू॰
  • कर्क00:59 –03:28, 2 अक्टू॰
  • सिंह03:28 –05:56, 2 अक्टू॰
  • कन्या05:56 –08:23, 2 अक्टू॰

पंचांग · सैन फ्रांसिस्को, 1 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सैन फ्रांसिस्को में सूर्योदय 07:05 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 21:45 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 15:57 तक, फिर मृगशिरा; योग सिद्धि 08:47 तक, फिर व्यतीपात; करण गर 10:55 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 14:27–15:56, अभिजित मुहूर्त 12:35–13:22। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सैन फ्रांसिस्को में 1 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 21:45 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 07:05, सैन फ्रांसिस्को)।

1 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 15:57 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 2 अक्टूबर 03:10 तक।

सैन फ्रांसिस्को में 1 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:27–15:56, यमगण्ड 07:05–08:34, गुलिक काल 10:02–11:31।

सैन फ्रांसिस्को में 1 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 22:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:35–13:22, ब्रह्म मुहूर्त 05:28–06:17। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सैन फ्रांसिस्को हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2308° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP