पंचांग · शनिवार, 31 अक्टूबर 2026प्रयागराज

आश्विन · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:10सूर्योदय17:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 16:57 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
07:12 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1017:22
शनिवार · शनि
राहु काल
08:58 –10:22
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:10दिन17:22
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:22रात06:10
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    16:57 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    14:52, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    07:12 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:39, 1 नव॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    04:30, 2 नव॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    17:31 तक
  2. साध्य
    14:39, 1 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    16:57 तक
  2. विष्टि
    03:52, 1 नव॰ तक
  3. बव
    14:52, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:10
बिंब मध्य 06:13
सूर्यास्त
17:22
बिंब मध्य 17:18
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
11:31
दिनमान
11h 12m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मिथुन
00:00, 1 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:19
  • प्रातः संध्या04:53 –06:10
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:09
  • विजय मुहूर्त13:38 –14:23
  • गोधूलि मुहूर्त17:22 –17:48
  • सायाह्न संध्या17:22 –18:39
  • निशीथ मुहूर्त23:21 –00:12, 1 नव॰
  • अमृत काल03:24 –04:54, 1 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:58 –10:22
  • यमगंड13:10 –14:34
  • गुलिक काल06:10 –07:34
  • दुर्मुहूर्त06:10 –06:55
  • दुर्मुहूर्त06:55 –07:39
  • वर्ज्य18:25 –19:55
  • भद्रा16:57 –03:52, 1 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल06:10 – 07:34
  • शुभ07:34 – 08:58
  • रोग08:58 – 10:22
  • उद्वेग10:22 – 11:46
  • चर11:46 – 13:10
  • लाभ13:10 – 14:34
  • अमृत14:34 – 15:58
  • काल15:58 – 17:22
रात
  • लाभ17:22 – 18:58
  • उद्वेग18:58 – 20:34
  • शुभ20:34 – 22:10
  • अमृत22:10 – 23:46
  • चर23:46 – 01:22
  • रोग01:22 – 02:58
  • काल02:58 – 04:34
  • लाभ04:34 – 06:10

होरा

दिन
  • शनि06:10–07:06
  • गुरु07:06–08:02
  • मंगल08:02–08:58
  • सूर्य08:58–09:54
  • शुक्र09:54–10:50
  • बुध10:50–11:46
  • चन्द्र11:46–12:42
  • शनि12:42–13:38
  • गुरु13:38–14:34
  • मंगल14:34–15:30
  • सूर्य15:30–16:26
  • शुक्र16:26–17:22
रात
  • बुध17:22–18:26
  • चन्द्र18:26–19:30
  • शनि19:30–20:34
  • गुरु20:34–21:38
  • मंगल21:38–22:42
  • सूर्य22:42–23:46
  • शुक्र23:46–00:50
  • बुध00:50–01:54
  • चन्द्र01:54–02:58
  • शनि02:58–04:02
  • गुरु04:02–05:06
  • मंगल05:06–06:10

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद07:12 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:46 तक
  • पुनर्वसु 2 पद18:23 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:00, 1 नव॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद05:39, 1 नव॰ तक
  • पुष्य 1 पद11:20, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 12m
रात्रिमान
12h 48m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:00, 1 नव॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 07:12 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 05:39, 1 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 00:00, 1 नव॰ तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 16:57 तकपाताल
शिववास
भोजन में · 16:57 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:10 –07:12
  • चोर पंचक07:12 –07:29
  • शुभ मुहूर्त07:29 –09:46
  • रोग पंचक09:46 –11:51
  • शुभ मुहूर्त11:51 –13:36
  • मृत्यु पंचक13:36 –15:06
  • अग्नि पंचक15:06 –16:35
  • शुभ मुहूर्त16:35 –16:57
  • मृत्यु पंचक16:57 –18:13
  • अग्नि पंचक18:13 –20:10
  • शुभ मुहूर्त20:10 –22:24
  • राज पंचक22:24 –00:42, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:42 –02:56, 1 नव॰
  • चोर पंचक02:56 –05:09, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:09 –05:39, 1 नव॰
  • रोग पंचक05:39 –06:10, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:13 –07:29
  • वृश्चिक07:29 –09:46
  • धनु09:46 –11:51
  • मकर11:51 –13:36
  • कुम्भ13:36 –15:06
  • मीन15:06 –16:35
  • मेष16:35 –18:13
  • वृषभ18:13 –20:10
  • मिथुन20:10 –22:24
  • कर्क22:24 –00:42, 1 नव॰
  • सिंह00:42 –02:56, 1 नव॰
  • कन्या02:56 –05:09, 1 नव॰
  • तुला05:09 –07:25, 1 नव॰

पंचांग · प्रयागराज, 31 अक्टूबर 2026

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज में सूर्योदय 06:10 और सूर्यास्त 17:22 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 17:31 तक, फिर साध्य; करण वणिज 16:57 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:58–10:22, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:09। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

प्रयागराज में 31 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:10, प्रयागराज)।

31 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 00:00 तक।

प्रयागराज में 31 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:58–10:22, यमगण्ड 13:10–14:34, गुलिक काल 06:10–07:34।

प्रयागराज में 31 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:22, चंद्रोदय 22:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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