पंचांग · शनिवार, 3 अक्टूबर 2026प्रयागराज

भाद्रपद · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:55सूर्योदय17:48सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 08:00 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
01:29, 4 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5517:48
शनिवार · शनि
राहु काल
08:54 –10:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:55दिन17:48
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:48रात05:56
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    08:00 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    05:52, 4 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण नवमी
    03:54, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    01:29, 4 अक्टू॰ तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    00:13, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. वरीयान्
    15:21 तक
  2. परिघ
    12:31, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    08:00 तक
  2. बालव
    18:55 तक
  3. कौलव
    05:52, 4 अक्टू॰ तक
  4. तैतिल
    16:51, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:55
बिंब मध्य 05:59
सूर्यास्त
17:48
बिंब मध्य 17:43
चंद्रोदय
23:16
चंद्रास्त
12:41
दिनमान
11h 53m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मिथुन
18:31, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:07
  • प्रातः संध्या04:43 –05:55
  • अभिजित मुहूर्त11:28 –12:15
  • विजय मुहूर्त13:50 –14:38
  • गोधूलि मुहूर्त17:48 –18:12
  • सायाह्न संध्या17:48 –19:00
  • निशीथ मुहूर्त23:27 –00:16, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल16:05 –17:35
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:54 –10:23
  • यमगंड13:21 –14:50
  • गुलिक काल05:55 –07:24
  • दुर्मुहूर्त05:55 –06:43
  • दुर्मुहूर्त06:43 –07:30
  • वर्ज्य10:49 –12:19

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल05:55 – 07:24
  • शुभ07:24 – 08:54
  • रोग08:54 – 10:23
  • उद्वेग10:23 – 11:52
  • चर11:52 – 13:21
  • लाभ13:21 – 14:50
  • अमृत14:50 – 16:19
  • काल16:19 – 17:48
रात
  • लाभ17:48 – 19:19
  • उद्वेग19:19 – 20:50
  • शुभ20:50 – 22:21
  • अमृत22:21 – 23:52
  • चर23:52 – 01:23
  • रोग01:23 – 02:54
  • काल02:54 – 04:25
  • लाभ04:25 – 05:56

होरा

दिन
  • शनि05:55–06:55
  • गुरु06:55–07:54
  • मंगल07:54–08:54
  • सूर्य08:54–09:53
  • शुक्र09:53–10:52
  • बुध10:52–11:52
  • चन्द्र11:52–12:51
  • शनि12:51–13:50
  • गुरु13:50–14:50
  • मंगल14:50–15:49
  • सूर्य15:49–16:48
  • शुक्र16:48–17:48
रात
  • बुध17:48–18:48
  • चन्द्र18:48–19:49
  • शनि19:49–20:50
  • गुरु20:50–21:50
  • मंगल21:50–22:51
  • सूर्य22:51–23:52
  • शुक्र23:52–00:52
  • बुध00:52–01:53
  • चन्द्र01:53–02:54
  • शनि02:54–03:55
  • गुरु03:55–04:55
  • मंगल04:55–05:56

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 1 पद08:32 तक
  • आर्द्रा 2 पद14:11 तक
  • आर्द्रा 3 पद19:50 तक
  • आर्द्रा 4 पद01:29, 4 अक्टू॰ तक
  • पुनर्वसु 1 पद07:09, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 53m
रात्रिमान
12h 8m
मध्याह्न
11:52

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 01:29, 4 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
पाताल · 08:00 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:52, 4 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 08:00 तकगौरी के साथ · 05:52, 4 अक्टू॰ तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:55 –07:03
  • चोर पंचक07:03 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –09:19
  • रोग पंचक09:19 –11:36
  • शुभ मुहूर्त11:36 –13:41
  • मृत्यु पंचक13:41 –15:26
  • अग्नि पंचक15:26 –16:57
  • शुभ मुहूर्त16:57 –18:25
  • मृत्यु पंचक18:25 –20:03
  • अग्नि पंचक20:03 –22:00
  • शुभ मुहूर्त22:00 –00:14, 4 अक्टू॰
  • राज पंचक00:14 –01:29, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:29 –02:32, 4 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:32 –04:46, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:46 –05:52, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:52 –05:56, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:50 –07:03
  • तुला07:03 –09:19
  • वृश्चिक09:19 –11:36
  • धनु11:36 –13:41
  • मकर13:41 –15:26
  • कुम्भ15:26 –16:57
  • मीन16:57 –18:25
  • मेष18:25 –20:03
  • वृषभ20:03 –22:00
  • मिथुन22:00 –00:14, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:14 –02:32, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:32 –04:46, 4 अक्टू॰
  • कन्या04:46 –06:59, 4 अक्टू॰

पंचांग · प्रयागराज, 3 अक्टूबर 2026

शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 17:48 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 08:00 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र आर्द्रा 4 अक्टूबर 01:29 तक, फिर पुनर्वसु; योग वरीयान् 15:21 तक, फिर परिघ; करण बव 08:00 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 08:54–10:23, अभिजित मुहूर्त 11:28–12:15। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 08:00 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:55, प्रयागराज)।

3 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 4 अक्टूबर 01:29 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 4 अक्टूबर 18:31 तक।

प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:54–10:23, यमगण्ड 13:21–14:50, गुलिक काल 05:55–07:24।

प्रयागराज में 3 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:48, चंद्रोदय 23:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:28–12:15, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

प्रयागराज हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2308° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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